मनरेगा योजना का नाम बदलने पर विरोध, फतेहाबाद में कांग्रेस विधायक और पदाधिकारी उपवास पर बैठे

शहर के लालबत्ती चौक स्थित आंबेडकर पार्क में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान के तहत रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा एक दिवसीय उपवास रखा गया। मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेसी विधायकों, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने एक दिन का उपवास रखकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज करवाया। जिलाध्यक्ष अरविंद शर्मा के नेतृत्व में उपवास कार्यक्रम रहा। इस दौरान फतेहाबाद विधायक बलवान दौलतपुरिया, रतिया के विधायक जरनैल सिंह व कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव डॉ.विनीत पूनिया भी शामिल हुए। जिलाध्यक्ष अरविंद शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण मनरेगा योजना कमजोर हो रही है। इसी के विरोध में यह संघर्ष अभियान चलाया जा रहा है। मनरेगा गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की जीवनरेखा है, इसे कमजोर करने के प्रयास बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। विधायक बलवान दौलतपुरिया और जरनैल सिंह ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण आजीविका सुरक्षा की रीढ़ रहा है। इस योजना के माध्यम से हर वर्ष 5 से 6 करोड़ ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिलता है, जिससे पलायन पर रोक लगती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। डॉ.विनीत पूनिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने मजदूरी में अपना अंशदान 90 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। इससे राज्यों और श्रमिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जो सीधे तौर पर ग्रामीण गरीबों को प्रभावित करेगा। मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना श्रम की गरिमा और ग्राम स्वराज के मूल्यों पर सीधा आघात है। इसके विरोध में कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 11, 2026, 14:36 IST
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