चिता जलने से पहले जागृत होनी चाहिए चेतना : सुधांशु महाराज

- जीएमएस रोड स्थित एक फार्म हाउस में संत सुधांशु महाराज ने दिए प्रवचन संवाद न्यूज एजेंसीदेहरादून। विश्व जागृति मिशन के संस्थापक और आध्यात्मिक गुरु संत सुधांशु महाराज ने दून में सत्संग कर भक्तों को भक्ति के रस में पिरोया। प्रवचन में उन्होंने शिव नाम की महत्ता बताई और भगवान के साथ जुड़ने के लिए भक्तों को प्रेरित किया। शुक्रवार को संत सुधांशु महाराज का दून पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। शाम को महाराज ने जीएमएस रोड स्थित एक फार्म हाउस में प्रवचन दिए। यहां सत्संग का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने संत सुधांशु महाराज का स्वागत किया और आशीर्वाद लिया। सुधांशु महाराज ने कहा कि चिता जलने से पहले ही चेतना जागृत होनी चाहिए। देवभूमि की इस पावन धरा पर जन्म लेना अपने आप में बड़ी बात है। जहां लोग आते हैं उस भूमि पर आपको जन्म मिला। देवताओं की भूमि पर भी भक्ति न की जाए, गुरु से न जुड़ा जाए तो माना जाएगा हम अमृत कुंड के पास पहुंचकर भी अमृत प्राप्त नहीं कर पाए। आंसू से भरे चेहरे लेकर आप भगवान के दर जाते हो तो वहां से मुस्कुराहट ही लेकर आओगे। इसके बाद उन्होंने भगवान शिव के मंत्र का महत्त्व बताया। उन्होंने कहा कि जोड़ने की शक्ति भी शिव में ही है। कुछ अक्षर ऐसे हैं, जिन्हें बोलते ही होंठ अलग-अलग हो जाते है। लड़ाई, तकरार, झगड़ा ऐसे शब्द हैं जो बोलने पर होंठ नहीं मिलने देते तो दुनिया को कहां मिलने देंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया को मिला दे वही प्रेम है। शिव वही है जो अपनों को अपनों से मिला दे। जब ओम नाम का जाप करते हैं तो दुनिया से संबंध विच्छेद हो जाता है और भगवान से संबंध बन जाता है। जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म हाउस में विश्व जागृति मिशन की ओर से आयोजित सत्संग में प्रवचन देते

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 30, 2026, 16:43 IST
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