VIDEO: लू के थपेड़ों व तपिश से आम जनजीवन त्रस्त, दिन में व्यवसाय प्रभावित, सहालग के बावजूद सड़कों-दुकानों पर सन्नाटा
बढ़ती भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है। लोग घरों में दुबकने को मजबूर दिख रहे हैं। सहालग के बावजूद भी शहर की सड़कों और दुकानों पर सन्नाटा रहा। दिन में व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बाहर निकले लोग पेय पदार्थों की दुकानों पर अपना गला तर करने को मजबूर हैं। रविवार सुबह नौ बजे से ही सूरज की तपिश लोगों को झुलसाने लगी। दोपहर होते-होते आसमान से आग बरसने का एहसास होने लगा। कई दिनों से पारा लगातार 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना है। दोपहर के समय लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। जरूरी होने पर ही लोग पूरे बदन को ढककर और छाते का सहारा लेकर बाहर निकल रहे हैं। सैंठा तिराहे पर पैदल जा रहे राहगीर सुल्तानपुर से भर्ती परीक्षा में लवकुश वर्मा ने बताया कि बस से उतरने के बाद परीक्षा सेंटर पर जा रहे हैं। धूप इतनी तेज है कि सिर पर गमछा रखने से भी राहत नहीं मिल रही हैं। बर्तन व्यापारी सत्यम अग्रहरि ने बताया कि सहालग का मौसम होने के बाद भी दोपहर में दुकानदारी ठप रहती है। गर्मी के कारण सुबह आठ बजे दुकान खोलनी पड़ रही है। शाम को ग्राहकों की भीड़ होने के बाद देर रात तक दुकान बंद करनी पड़ रही है। कपड़ा व्यवसायी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गर्मी इतनी भीषण है कि लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। सुबह शाम ही दुकानदारी हो रही है। कपड़ा व्यापारी वीरेंद्र कुमार अग्रहरि ने बताया कि सुबह नौ बजे से 10 बजे तक और शाम को चार बजे से करीब नौ बजे तक ग्राहक खरीदारी के लिए निकलते हैं। बताया कि तापमान अधिक होने से दिन में दुकानदारी न के बराबर रहती है। वहीं बाहर निकले लोग गर्मी से राहत पाने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। गन्ने का रस, लस्सी और बेल के शरबत की दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त के मरीज बढ़े जिला अस्पताल की इमरजेंसी संग निजी क्लीनिकों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉ. अमित यादव ने बताया कि जिस तहत तापमान में वृद्वि हो रही है। ऐसे में डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने खाली पेट बाहर न निकलने और ज्यादा से ज्यादा पानी व तरल पदार्थों का सेवन करने को कहा है। पशु-पक्षी और राहत के इंतजाम गर्मी का सितम सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों पर भी भारी पड़ रहा है। तालाब और पोखर सूखने के कगार पर हैं, जिससे मवेशियों के लिए पानी का संकट है। खेतों में काम करने वाले किसान भी इस तपिश से त्रस्त हैं, काम की गति धीमी पड़ गई है। प्रशासन की ओर से जगह-जगह प्याऊ लगवाने के दावे नाकाफी साबित हो रहे हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 26, 2026, 13:08 IST
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