Chaitra Navratri: उज्जैन में हरसिद्धि ही नहीं अवंतिका देवी का भी है शक्तिपीठ, जानिए अधिष्ठात्री देवी का महत्व

नवरात्रि के दौरान शहर के देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि उज्जैन में एक नहीं, बल्कि दो शक्तिपीठ हैं—पहला हरसिद्धि माता मंदिर और दूसरा अवंतिका देवी, जो महाकाल मंदिर परिसर में स्थापित है। मान्यता है कि हरसिद्धि में सती की कोहनी गिरी थी, जबकि अवंतिका देवी के स्थान पर सती के होंठ गिरे थे। इन देवी को उज्जैन की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। ज्योतिर्विद पं. आनंदशंकर व्यास के अनुसार, नवरात्रि में इनकी आराधना से साधक को यश और कीर्ति प्राप्त होती है तथा शहर का चहुंमुखी विकास देवी के आशीर्वाद से होता है। पहले यह मंदिर एक ऊंची टेकरी पर स्थित था, जहां से हरसिद्धि और अवंतिका देवी दोनों के दर्शन होते थे, लेकिन समय के साथ निर्माण कार्यों के कारण वह टेकरी समाप्त हो गई। अब यह मंदिर महाकाल मंदिर के पालकी द्वार के पास, श्रीराम मंदिर के पीछे स्थित है। ये भी पढ़ें-शक्तिशाली राजसत्ता की देवी मां पीतांबरा, चीन-पाकिस्तान युद्ध में जीत के लिए यहीं हुआ था यज्ञ

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 22, 2026, 19:51 IST
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