Yamuna Nagar News: जुवेनाइल बोर्ड ने नाबालिग को चेतावनी देकर छोड़ा

यमुनानगर। लापरवाही से वाहन चलाकर सड़क हादसा करने के मामले में किशोर न्याय परिषद (जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड) ने नाबालिग को सुधार का अवसर देते हुए चेतावनी देकर छोड़ने का आदेश दिया है। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट डॉ. करूणा शर्मा ने आदेश में कहा कि नाबालिग की आयु और परिस्थितियों को देखते हुए उसे कठोर दंड देने के बजाय परामर्श और निगरानी के साथ सुधार का अवसर दिया जाना उचित है।जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के अनुसार गांव सैदपुर निवासी सुनील कुमार ने अगस्त 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि वह 28 जुलाई 2025 को वह अपने भाई संदीप कुमार के साथ बाइक पर गांव कप्तान माजरी जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में एक व्यक्ति अपने नाबालिग बेटे को बाइक चलाना सिखा रहा था। आरोप है कि नाबालिग ने लापरवाही से बाइक चलाते हुए उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में दोनों भाई सड़क पर गिरकर घायल हो गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी और बाद में प्रकरण किशोर न्याय परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों और परिस्थितियों का अवलोकन किया गया। बोर्ड ने अपने निर्णय में कहा कि किशोर न्याय अधिनियम का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि बालक का सुधार और पुनर्वास सुनिश्चित करना है। इसी सिद्धांत के तहत नाबालिग को चेतावनी देकर भविष्य में इस प्रकार की घटना दोहराने से रोकने की हिदायत दी गई है। बोर्ड ने नाबालिग के अभिभावकों को भी कड़ी चेतावनी दी है कि वे अपने बच्चे की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखें और उसे बिना वैध आयु व प्रशिक्षण के वाहन चलाने की अनुमति न दें। भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई गई तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है और अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें। संवाद

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 09, 2026, 03:16 IST
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