प्रभु की कृपा के लिए अहंकार का त्याग जरूरी : ब्रज किशोर
पानीपत। श्री सनातन धर्म मंदिर सभा मॉडल टाउन में आयोजित पुरुषोत्तम मास कथा के चौथे दिन बुधवार को मंदिर में भक्ति का अनुपम प्रवाह देखने को मिला। कथावाचक पंडित बृजकिशोर शास्त्री ने भगवान पुरुषोत्तम श्रीहरि की महिमा का गुणगान किया। पंडित बृजकिशोर शास्त्री ने कहा कि अहंकार का त्याग करके ही मनुष्य ईश्वर की कृपा का पात्र बन सकता है। पुरुषोत्तम मास मलमास में की गई भक्ति, दान और सुमिरन का फल अनंत गुना मिलता है। शास्त्री के भजनों पर श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो गए। मंदिर सभा के प्रधान तरुण गांधी ने समाज के सभी वर्गों का आभार व्यक्त किया और कहा कि मंदिर सभा का उद्देश्य सनातन संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना है। जिस तरह भारी संख्या में श्रद्धालु, विशेषकर युवा और महिलाएं कथा में पहुंच रही हैं। मंदिर सभा द्वारा बैठने, ठंडे पानी और प्रसाद वितरण की विशेष व सुचारू व्यवस्था की गई। सभी श्रद्धालुओं ने मंदिर के वातानुकूलित हॉल में आराम से बैठकर कथा श्रवण का आनंद लिया। कथा की समाप्ति पर आरती की गई और सभी भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। संवाद पुरुषोत्तम मास कथा पर झूमते लोग। स्रोत मंदिर
- Source: www.amarujala.com
- Published: May 21, 2026, 06:02 IST
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