Bareilly News: पीएम आवास के लिए फिर से कराएं सर्वे ताकि पात्रों को मिले लाभ

बरेली। चयन प्रक्रिया की तकनीकी कमी से ग्रामीण क्षेत्रों में कई पात्र परिवार पीएम आवास योजना के लाभ से वंचित हैं। समस्या से निजात के लिए फिलहाल स्पष्ट प्रावधान नहीं है। ग्रामीण विकास विभाग के जवाब पर आंवला सांसद नीरज मौर्य ने पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।सांसद ने सरकार से बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर जिलों में रामगंगा नदी के किनारे रह रहे भूमिहीन और बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए कोई अलग प्रावधान, पिछले तीन वर्षों में इन जिलों में स्वीकृत और पूर्ण हुए मकानों का विवरण, लाभार्थियों से अवैध वसूली की शिकायतों की जांच के लिए केंद्रीय टीम भेजने संबंधी जानकारी मांगी थी। बरेली में स्वीकृत 9,201 मकान में 9,127 का निर्माण पूरा है। बदायूं में स्वीकृत 27,230 में से 27,086, शाहजहांपुर में 31,160 में से 30,476 मकान बन चुके हैं। छूटे पात्र परिवार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर जवाब नहीं मिला। अवैध वसूली की शिकायतों को सरकार ने नकार दिया। इसके अलावा बदायूं, बरेली के पारंपरिक जरी-जरदोजी, बेंत-बांस शिल्प को आधुनिक डिजाइन, ई-कॉमर्स और वैश्विक बाजार से जोड़ने संबंधी सवाल पर भी कौशल विकास केंद्र स्थापना का प्रस्ताव न होने का जवाब मिला।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 18, 2026, 06:19 IST
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