MP News: स्पीड नहीं सही डेटा ज्यादा जरूरी,भोपाल के नए कलेक्टर ने गिनाईं प्राथमिकताएं, प्रशासनिक बदलाव के संकेत
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को नया प्रशासनिक नेतृत्व मिलते ही कामकाज की दिशा और सोच दोनों बदलती नजर आने लगी है। नए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने पदभार संभालते ही अपने पहले ही संदेश में साफ कर दिया कि अब प्रशासन की प्राथमिकता सिर्फ तेजी नहीं, बल्कि सटीकता और विश्वसनीयता होगी। उनका स्पष्ट कहना है कि स्पीड नहीं, सही डेटा सबसे ज्यादा जरूरी है। इस एक लाइन से उन्होंने अपनी कार्यशैली और आने वाले प्रशासनिक दृष्टिकोण का खाका सामने रख दिया है। जनगणना को बनाया टॉप प्रायोरिटी कलेक्टर मिश्रा ने जनगणना को सबसे महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि देश और समाज के भविष्य की नींव है। उन्होंने कहा कि जनगणना के आधार पर ही सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और अन्य विकास योजनाएं तैयार करती है। ऐसे में अगर डेटा गलत होगा तो पूरी योजना की दिशा ही भटक सकती है।उनका साफ कहना है कि यह कोई रेस नहीं है, जहां जल्दी खत्म करना लक्ष्य हो, बल्कि यह एक जिम्मेदारी है, जिसमें हर जानकारी का सही और सटीक होना अनिवार्य है। गलत जानकारी देने वालों को दी सख्त चेतावनी कलेक्टर ने साफ तौर पर कहा कि कई बार लोग व्यक्तिगत कारणों से अपनी आर्थिक या सामाजिक स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत करते हैं। कोई खुद को ज्यादा गरीब दिखाता है तो कोई ज्यादा संपन्न। लेकिन उन्होंने दो टूक कहा कि इस तरह की गलत जानकारी केवल सिस्टम को गुमराह करती है और भविष्य की योजनाओं को नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना का डेटा पूरी तरह गोपनीय और नेमलेस होता है, इसका सीधा संबंध किसी व्यक्ति को मिलने वाली योजना या लाभ से नहीं होता। इसलिए सही जानकारी देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। डिजिटल जनगणना से बढ़ेगी पारदर्शिता और सटीकता इस बार जनगणना को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करने की तैयारी चल रही है, जिससे डेटा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता दोनों में सुधार होगा। कलेक्टर ने बताया कि तकनीक के उपयोग से न सिर्फ डेटा जल्दी इकट्ठा होगा, बल्कि उसमें गलती की संभावना भी कम होगी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में डेटा ही पावर है और सही डेटा के आधार पर ही मजबूत और प्रभावी नीतियां बनाई जा सकती हैं। रुके हुए कामों पर फोकस प्रियंक मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में संकेत दिए कि शहर में लंबित सभी कामों को प्राथमिकता के साथ शुरू कराया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि जनता से जुड़े कामों में देरी अब स्वीकार्य नहीं होगी और प्रशासन को ज्यादा जवाबदेह बनाया जाएगा। यह भी पढ़ें-एमपी में 42 डिग्री पार पहुंचा पारा, आज 16 जिलों में लू का अलर्ट, अगले चार दिन और झुलसाएंगे प्रशासनिक बदलाव के संकेत, नई टीम की तैयारी कलेक्टर के द्वारा दिए गए बयान में साफ है कि आने वाले दिनों में प्रशासनिक स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार टीम में फेरबदल किया जाएगा, ताकि कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इसका मतलब साफ है कि भोपाल में जल्द ही एक नई प्रशासनिक टीम तैयार होगी, जो नए विजन और नई कार्यशैली के साथ काम करेगी। नंबर एक राजधानी बनाने का रहेगा प्रयास अपने विजन को साझा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भोपाल को देश की सबसे बेहतरीन और व्यवस्थित राजधानी बनाने के लिए प्रशासन पूरी ताकत से काम करेगा। यह भी पढ़ें-345 विधानसभा सीटें और 43 लोकसभा सीटें, 33% महिला आरक्षण से बदलेगा पूरा समीकरण राजधानी में अग्निपरीक्षा प्रियंक मिश्रा इससे पहले भी अपने कामकाज को लेकर चर्चा में रहे हैं, लेकिन राजधानी भोपाल में उनकी यह नई जिम्मेदारी किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं मानी जा रही। भोपाल जैसे बड़े और संवेदनशील शहर में प्रशासन चलाना चुनौतीपूर्ण होता है, जहां हर फैसले का सीधा असर लाखों लोगों पर पड़ता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका डेटा आधारित प्रशासन मॉडल जमीन पर कितना असर दिखाता है और शहर के विकास को कितनी नई गति देता है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 16, 2026, 15:53 IST
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