खतरे में 'मिट्टी': ग्लोबल वार्मिंग ने खत्म किए 70% सूक्ष्म जीव, थाली तक पहुंच रहा कुपोषण, ये है CSA की चेतावनी

ग्लोबल वॉर्मिंग से हो रहे जलवायु परिवर्तन ने मिट्टी के सूक्ष्म जीवों के संसार को भी संकट में डाल दिया है। इनकी संख्या तेजी से घट रही है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर आ रहा है। इस मिट्टी में उगने वाली फसलों के पौधे कुपोषित हैं। इस वजह से इनका सेवन करने वाले लोगों में भी कुपोषण होने लगता है। कृषि विज्ञान केंद्रों में हो रही मिट्टी की जांच में यह पता चला है। अमूमन एक ग्राम स्वस्थ और उपजाऊ मिट्टी में इन सूक्ष्म जीवों की संख्या पांच करोड़ से अधिक होती है, लेकिन अब डेढ़ करोड़ रह गई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के निदेशक शोध डॉ. महक सिंह का कहना है कि ग्लोबल वॉर्मिंग में तापमान अधिक होता है। इससे भी सूक्ष्म जीव कम हो जाते हैं। इसके अलावा खेतों में जैविक खाद न डालने से इनका संसार नष्ट होता है। ये जीव सबसे अधिक गोबर की खाद डालने पर बढ़ते हैं। विवि 15 कृषि विज्ञान केंद्र संचालित कर रहा है। केंद्रों में खेतों की मिट्टी के पौष्टिक तत्व और सूक्ष्म जीवों की जांच की जाती है। निदेशक शोध डॉ. सिंह ने बताया कि सबसे अधिक आर्गेनिक तत्व कम हुआ है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 25, 2026, 10:10 IST
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