Chamoli News: सालों से बंद पड़ी भट्टियों को रिपेयर करने में जुटे होटल कारोबारी
-एलपीजी गैस की किल्लत को देखते हुए होटल कारोबारी वैकल्पिक व्यवस्था में जुटे-पीपलकोटी में इन दिनों होटल-रेस्टोरेंट व्यवसायी लकड़ी व कोयले का भी कर रहे इंतजामभुवन शाहपीपलकोटी। एलपीजी के व्यवसायिक सिलिंडरों की किल्लत को देखते हुए चारधाम यात्रा रूट के होटल व्यवसायी इन दिनों पुरानी पड़ चुकी भट्टियों की मरम्मत करने में जुटे हुए हैं। होटल कारोबारियों ने जिन भट्टियों को रसोई से दूर कर दिया था उनको फिर से बाहर निकाल कर रसोई में सजाना शुरू कर दिया है। मध्य एशिया में चल रहे संघर्ष का असर एलपीजी पर काफी दिख रहा है। कई दिनों से जिले में व्यावसायिक सिलिंडर नहीं आ रहे हैं। यह समस्या कितने दिनों तक रहेगी इसका कुछ अंदाजा नहीं है। वहीं अब बदरीनाथ धाम की यात्रा शुरू होने में एक माह से भी कम का समय शेष रह गया है। ऐसे में यात्रा रूट के होटल कारोबारी अभी से विकल्प के तौर पर अपनी व्यवस्था को पुख्ता करने में जुटे हुए हैं। होटलों में पहले मिट्टी तेल से चलने वाली भट्टियां उपयोग में लाई जाती थी, लेकिन धीरे-धीरे इनको किचन से हटा दिया और इसकी जगह एलपीजी की भट्टियों ने ले ली। मगर वर्तमान हालात को देखते हुए होटल व्यवसायियों ने इन भट्टियों को फिर बाहर निकाल दिया है। अब इन भट्टियों को मिट्टी तेल की जगह डीजल से चलाया जा रहा है। पीपलकोटी में इन दिनों लगभग हर होटल व्यवसायी इस तरह की भट्टियों को रिपेयर करने और नई भट्टियों की खरीद में लगे हुए हैं। पुरानी भट्टियों को ठीक कराकर उनको नियमित चेक भी किया जा रहा है। ---------लकड़ी व कोयले की भी की जा रही व्यवस्था- होटलों में लकड़ी व कोयले की भी व्यवस्था की जा रही है। होटल व्यवसायी अभी से ऐसी क्षेत्रों से संपर्क कर रहे हैं जहां लकड़ी की उपलब्धता रहती है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि डीजल भट्टियों के साथ ही लकड़ी व कोयले का बैकप भी रखना जरूरी है। ----------क्या कहते हैं होटल व्यवसायी- पीपलकोटी के होटल कारोबारी सुनील शाह का कहना है कि मिट्टी तेल/डीजल से चलने वाली भट्टटी जिसे सालों पहले रसोई से हटा दिया था उसे अब फिर से बाहर निकाल दिया है। रिपेयर करने के बाद उसका थोड़ा-थोड़ा उपयोग किया जा रहा है, ताकि यात्रा के दौरान उसका उपयोग अच्छे से किया जा सके। वहीं सज्जन लाल शाह का कहना है कि होटल में डीजल की दो भट्टियां पहले से थी, दो अन्य भट्टियों को ऋषिकेश से खरीदकर लाए हैं। कोशिश यही है कि एलपीजी सिलिंडर यदि नहीं आ पाते हैं तो यात्रा के दौरान यात्रियों को खाने पीने की कोई समस्या न रहे।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 29, 2026, 18:03 IST
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