Bareilly News: आर्थिक रूप से कमजोर शोध छात्रों को मिलेगी राहत

बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से पीएचडी धारकों लिए राहत होने जा रही है। अब आर्थिक रूप से कमजोर पीएचडी करने वाले छात्रों के लिए एससीआई (साइंस साइटेशन इंडैक्स) जर्नल में पेपर छपवाने की अनिवार्यता को हटाने जा रहा है। जिसे अब तक हर विषय में अनिवार्य रखा गया था। एससीआई के जर्नल में पेपर छपवाने के लिए या तो छात्रों को मोटा पैसा जमा करना होता था, अन्यथा निशुल्क पेपर छपवाने के लिए महीनों इंतजार करना होता था। बता दें कि यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन) की ओर से इस अनिवार्यता को करीब डेढ़ साल पहले ही हटा लिया गया था, लेकिन अब तक रुविवि ने इसे लागू नहीं किया था। बीते दिनों हुई कार्य परिषद की बैठक में यूजीसी के नियमों का अनुपालन करने का फैसला लिया गया, जिसे अकादमिक काउंसिल में पास कराया जाएगा, ये बैठक इस सप्ताह होगी। वहीं, विज्ञान व तकनीकी विषयों के अलावा अन्य विषयों जैसे विधि व भाषायी विषयों के लिए एससीआई जर्नल में पेपर छपवाने की शर्त अनिवार्य होना तर्क संगत नहीं था, इससे शोधकर्ताओं को कई बार लंबा इंतजार करना होता था। इस पर शोध निदेशालय के निदेशक प्रो. आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि अब रुविवि पूरी तरह से यूजीसी के नियमों का पालन करेगा। संवाद

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 29, 2026, 03:06 IST
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