Delhi: ई-रिक्शा के लिए नई पॉलिसी की तैयारी में दिल्ली सरकार, पंजीकरण से लेकर तय होंगे रूट
राजधानी में सड़कों पर तेजी से बढ़ते ई-रिक्शा को अब सरकार की नीति के दायरे में लाने की तैयारी है। दिल्ली सरकार ई-रिक्शा संचालन को लेकर एक समग्र पॉलिसी बनाने पर विचार कर रही है, ताकि यातायात व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और रोजगार तीनों के बीच संतुलन बनाया जा सके। सरकार का मानना है कि बिना स्पष्ट नीति के ई-रिक्शा की संख्या और संचालन भविष्य में ट्रैफिक और सुरक्षा से जुड़ी बड़ी चुनौती बन सकती है। प्रस्तावित नीति का मकसद ई-रिक्शा पर रोक लगाना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवस्थित करना है। फिलहाल दिल्ली के कई इलाकों में ई-रिक्शा बिना तय रूट, तय स्टैंड और स्पष्ट नियमों के चलते यातायात में बाधा बनते जा रहे हैं। खासकर मेट्रो स्टेशनों, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों के बाहर अनियंत्रित पार्किंग से जाम की स्थिति बनती है। इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार ई-रिक्शा के लिए अलग से संचालन ढांचा तैयार करने पर विचार कर रही है, जिसमें रजिस्ट्रेशन, रूट निर्धारण और संचालन समय जैसे बिंदु शामिल हो सकते हैं। रजिस्ट्रेशन और पहचान प्रणाली पर फोकस नीति के मसौदे में ई-रिक्शा और उनके चालकों की पहचान को अहम हिस्सा बनाया जा सकता है। प्रस्ताव है कि सभी ई-रिक्शा का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन हो, जिससे यह पता चल सके कि किस इलाके में कितने ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। साथ ही चालकों का सत्यापन, यूनिक आईडी या क्यूआर कोड जैसी व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर पहचान और निगरानी आसान हो सके। नीति में सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया जा सकता है। इसमें ई-रिक्शा की तकनीकी फिटनेस, बैटरी की गुणवत्ता, नियमित जांच और यात्री क्षमता तय करने जैसे बिंदु शामिल हो सकते हैं। रूट और स्टैंड तय करने की योजना दिल्ली में ई-रिक्शा के संचालन में सबसे बड़ी समस्या रूट को लेकर है। कई इलाकों में ई-रिक्शा मुख्य सड़कों पर चलकर बसों और अन्य वाहनों की गति प्रभावित करते हैं। प्रस्तावित नीति में यह तय किया जा सकता है कि ई-रिक्शा किन सड़कों और किन इलाकों तक सीमित रहेंगे। इसके अलावा, मेट्रो स्टेशन, बस टर्मिनल और प्रमुख बाजारों के पास तय ई-रिक्शा स्टैंड बनाने का भी सुझाव है, जिससे सड़कों पर अव्यवस्थित खड़े ई-रिक्शा की समस्या कम हो सके। मौजूदा राजधानी की कई प्रतिबंधित सड़कों पर भी ई-रिक्शा बिना रोक टोक के चलते दिख रहे है। राजधानी में दो लाख से अधिक ई-रिक्शा है पंजीकृत दिल्ली में 2 लाख से ज्यादा पंजीकृत ई-रिक्शा हैं, जिसमें से कुछ बिना पंजीकरण के भी चल रहे हैं। रोहिणी में सबसे ज्यादा 46,150 ई-रिक्शा हैं, इसके बाद वजीरपुर 30,252 और लोनी रोड 28,858 ई-रिक्शा हैं। ई-रिक्शा से हुए हादसे --28 अगस्त 2025 : उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर इलाके में स्कूल जा रही 8 साल की छात्रा उस समय गंभीर रूप से घायल हुई जब एक ई-रिक्शा पलट गया और उस पर गिर गया। इसके बाद अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। --25 सितंबर 2025 : पहाड़गंज इलाके में एक ई-रिक्शा ने रेड लाइट पार कर करने के बाद एक स्कूटर को टक्कर मारी और बाद में पलट गया। इस दुर्घटना में एक 16-वर्षीय बेटी की मौत हो गई। --17 दिसंबर 2025 : जगतपुरी में तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने स्कूटी सवार बुज़ुर्ग दंपती को टक्कर मारी, जिसमें 76 वर्षीय महिला की मौत हुई। --25 अक्तूबी 2025 : पूर्वी दिल्ली के फर्श बाजार इलाके में ई-रिक्शा के अचानक पलटने से एक 74 वर्षीय बुज़ुर्ग की मौत हो गई और एक 26 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हुई थी।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 10, 2026, 02:56 IST
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