Artemis II: 'अमेरिका चांद की सतह पर जल्द लौटेगा!' आर्टेमिस-2 के चार अंतरिक्ष यात्रियों से और क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टेमिस II मिशन के क्रू सदस्यों से बात की और अंतरिक्ष में उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस मिशन से चंद्रमा पर अमेरिका की वापसी का मार्ग प्रशस्त होगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अंततः चंद्रमा पर स्थायी उपस्थिति स्थापित करेगा और फिर मंगल ग्रह की ओर बढ़ेगा। अंतरिक्ष यात्रा में नया कीर्तिमान यह बात उन्होंने तब कही जब मिशन ने मानव अंतरिक्ष उड़ान में सबसे लंबी दूरी का रिकॉर्ड तोड़ा। ट्रंप ने कहा 'आज आपने इतिहास रचा है और पूरे अमेरिका को अविश्वसनीय रूप से गौरवान्वित किया है।' उन्होंने कहा कि मानव अंतरिक्ष यान में जो कुछ वे कर रहे हैं, वैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। यह वास्तव में विशेष है। आप सभी ने इस दिन को संभव बनाया है। आपने पूरी दुनिया को प्रेरित किया है। ये भी पढ़ें:-आर्टेमिस II:इंसान ने चांद के उस हिस्से का किया दीदार, जिसे पहले किसी ने नहीं देखा; अपोलो-13 का रिकॉर्ड टूटा अमेरिका की अंतरिक्ष में वापसी ट्रंप ने कहा कि चंद्रमा की यात्रा अधिक सामान्य हो जाएगी और उन्होंने मंगल ग्रह की भविष्य की यात्रा का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा 'आखिरकार, अमेरिका वापस आ गया है और अमेरिका कई मायनों में पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होकर वापस आया है। हम दुनिया में सबसे आगे हैं। आर्टेमिस क्रू ने नासा द्वारा बनाई गई अब तक की सबसे शक्तिशाली रॉकेट में उड़ान भरी, ढाई लाख मील से अधिक की यात्रा की और महान अपोलो 13 द्वारा निर्धारित दूरी का रिकॉर्ड तोड़ा। अमेरिका एक सीमावर्ती राष्ट्र है और आर्टेमिस 2 के चार बहादुर अंतरिक्ष यात्री आधुनिक युग के अग्रणी हैं।' राष्ट्रपति ने आगे कहा 'हम एक बार फिर अपना झंडा फहराएंगेऔर इस बार हम सिर्फ पदचिह्न नहीं छोड़ेंगे। हम चंद्रमा पर एक स्थायी उपस्थिति स्थापित करेंगे और हम मंगल की ओर बढ़ेंगे। यह बहुत रोमांचक होगा। अमेरिका अंतरिक्ष में और हम जो कुछ भी कर रहे हैं, उसमें किसी से पीछे नहीं रहेगा और हम सितारों की ओर नेतृत्व करना जारी रखेंगे।' कब होनी है पृथ्वी पर वापसी यह मिशन न केवल रिकॉर्ड तोड़ने वाला है, बल्कि चांद के उस हिस्से को देखने का भी मौका देगा, जिसे इंसान पहले कभी इतनी करीब से नहीं देख पाए। करीब 10 दिन के इस मिशन के बाद 10 अप्रैल को अंतरिक्ष यान प्रशांत महासागर में उतरकर पृथ्वी पर लौटेगा। नासा का यह मिशन भविष्य में चांद पर स्थायी बेस बनाने की दिशा में पहला बड़ा कदम है। नासा ने बताया कि इस कदम को लेकरएजेंसी का लक्ष्य है कि 2028 तक चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास इंसानों की लैंडिंग कराई जाए। ये भी पढ़ें:-Iran-US War: ट्रंप की खुली चेतावनी- ईरान को एक ही रात में खत्म कर सकते हैं, वह रात कल हो सकती है कौन-कौन से अंतरिक्ष यात्री इसमें गए है गौरतलब है कि नासा के आर्टेमिसII मिशन में चार अनुभवी अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। मिशन के कमांडर रीड वाइजमैन हैं, जबकि पायलट की जिम्मेदारी विक्टर ग्लोवर के पास है। इतना ही नहीं मिशन में दो स्पेशलिस्ट भी हैं,क्रिस्टिना कॉच और कनाडाई स्पेस एजेंसी के जेरमी हैन्सन। ये चारों अंतरिक्ष यात्री ओरियन अंतरिक्षयान में सवार हैं और चाँद के सबसे नजदीकी मार्ग पर 10‑दिन की रोमांचक यात्रा पर हैं। मिशन का उद्देश्य न केवल चाँद के पास से गुजरना है, बल्कि मानव अंतरिक्ष यात्रा के नए रिकॉर्ड भी स्थापित करना है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 07, 2026, 09:48 IST
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