बैकफुट पर ट्रंप सरकार: 171 अरब रुपये का फंड रद्द, चौतरफा विरोध के बाद झुके कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल
चौतरफा विरोध के बाद ट्रंप सरकार पीछे हट गई है। सरकार ने एक बड़ा फैसला बदला है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगियों को पैसा देने की योजना रद्द कर दी गई है। इसके लिए 1.8 अरब डॉलर यानी करीब 171.17 अरब रुपये का एक बड़ा फंड बनना था। अब यह योजना पूरी तरह ठप हो गई है। कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने मंगलवार को संसद में साफ कह दिया कि हम इस फंड को लेकर आगे नहीं बढ़ रहे हैं, बात खत्म। अपनों के ही भारी दबाव में आई सरकार इस फैसले के पीछे खुद ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं का हाथ है। रिपब्लिकन सांसद अपनी ही सरकार से बेहद नाराज थे। वे न्याय विभाग के इस कदम का विरोध कर रहे थे। सांसदों ने सरकार को साफ चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि जब तक यह योजना वापस नहीं होगी, वे सरकार का बजट पास नहीं करेंगे। यह बजट ट्रंप की आव्रजन एजेंसियों के लिए बहुत जरूरी था। ट्रंप प्रशासन पहले इस फंड को सही बता रहा था। उनका कहना था कि जो बाइडन की सरकार ने न्याय विभाग का गलत इस्तेमाल किया। इससे ट्रंप के करीबियों को परेशान किया गया। यह फंड उसी नुकसान की भरपाई के लिए था। लेकिन बाइडन की पार्टी इन आरोपों को पूरी तरह झूठ बताती है। संसद हमले के दंगाइयों को पैसे देने का डर मंगलवार को विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश को जमकर घेरा। सांसद रोजा डेलौरो ने इसे भ्रष्टाचार का खुला खेल बताया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रपति और उनके दोस्तों को फायदा पहुंचाने की एक भ्रष्ट योजना है। यह बैठक वैसे तो बजट पर चर्चा के लिए थी। लेकिन पूरा ध्यान इस विवादित फंड पर टिक गया। जनता और नेताओं में इस बात पर भारी गुस्सा था कि छह जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद-कैपिटल हिल पर हमला करने वाले हिंसक दंगाइयों को भी इस फंड से पैसा मिल सकता था। यह भी पढ़ें:पश्चिम एशिया संकट:रूबियो ने सेना की कार्रवाई का किया बचाव, कहा-ईरान की ताकत हुई पस्त; हिजबुल्ला बना रोड़ा अदालत के झटके और बंद कमरे का हंगामा यह फंड असल में ट्रंप के टैक्स रिटर्न लीक मामले से जुड़ा था। इसे आईआरएस के खिलाफ एक अदालती समझौते के तहत बनाया जा रहा था। लेकिन अदालतों ने भी सरकार को तगड़े झटके दिए। वर्जीनिया की एक अदालत ने इस योजना पर अस्थाई रोक लगा दी। वहीं फ्लोरिडा के एक जज ने भी इस समझौते में गड़बड़ी की आशंका जताई। पार्टी के भीतर भी इसे लेकर भारी बगावत हुई। सीनेटर टेड क्रूज़ के मुताबिक, एक गुप्त बैठक में रिपब्लिकन सांसदों और ब्लांश के बीच जमकर बहस हुई थी। बंद कमरे में ब्लांश ने भरोसा दिया था कि पुलिस पर हमला करने वालों को फूटी कौड़ी नहीं मिलेगी। लेकिन जनता के सामने उन्होंने चुप्पी साधे रखी थी। आखिरकार चारों तरफ से घिरने के बाद सरकार को झुकना ही पड़ा।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 03, 2026, 05:48 IST
बैकफुट पर ट्रंप सरकार: 171 अरब रुपये का फंड रद्द, चौतरफा विरोध के बाद झुके कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल #World #International #DonaldTrump #ToddBlanche #CompensationFundScrapped #SubahSamachar
