Delhi News: 11 साल पुराने कॉपीराइट केस में आरोपी बरी

पूर्वी दिल्ली।कड़कड़डूमा कोर्ट ने वर्ष 2015 में दर्ज कॉपीराइट उल्लंघन मामले में आरोपी फुरकान को बरी कर दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तान्या बामनियाल की अदालत ने फैसले में कहा कि पुलिस और अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाए, जिसके कारण उसे संदेह का लाभ दिया जाता है। मामले में भजनपुरा थाना पुलिस ने वर्ष 2015 में यमुना विहार बस डिपो के पास छापेमारी कर फुरकान को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया कि उसके पास से पांच जूट के बोरों में रॉयल स्टैग ब्रांड के 3,991 नकली मोनो कार्टन (पैकिंग डिब्बे) बरामद हुए थे। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। अदालत ने पाया कि जांच के दौरान यह साबित नहीं हो पाया कि बरामद कार्टन वास्तव में नकली थे। जांच अधिकारी स्वयं इस संबंध में विशेषज्ञ नहीं थे और उन्होंने बरामद माल की जांच फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) से भी नहीं कराई थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि (एफएसएल) रिपोर्ट या किसी विशेषज्ञ की राय के बिना बरामद माल को नकली मान लेना उचित नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि मामले में कोई स्वतंत्र गवाह नहीं जोड़े जाने और बरामद माल की प्रक्रिया को मजबूत करने वाले अन्य सबूत भी पेश नहीं किए गए। संवाद

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 18, 2026, 15:02 IST
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