एनओसी की आड़ में काट दिए कई पेड़, नरेंद्रनगर डिविजन का मामला
आगराखाल के गण डांडा नामे तोक में पावर ट्रांसमिशन का टावर लगाने को मिली एनओसी की आड़ में जंगल का अवैध कटान की आशंका जताई जा रही है। केंद्र सरकार के वन मंत्रालय से नरेंद्रनगर वन प्रभाग में 70 हेक्टेयर में कुल एक हजार पेड़ काटने एनओसी दी गई है लेकिन जिस तरह से गण डांडा में लकड़ियों के ढेर लगे हैं। आगराखाल से एक किमी दूर गण डांडा के जंगल में पिछले एक माह से बांज, बुरांश और चीड़ के पेड़ काटे जा रहे हैं। पावर ट्रांसमिशन का टावर लगाने के लिए पेड़ काटे जा रहे हैं। इसके लिए वन विभाग से एनओसी ली गई है लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि एनओसी की आड़ में अवैध रूप से जंगल काटकर लकड़ी की तस्करी की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। भैंतण क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य दयाल सिंह रावत ने बताया कि गण डांडा के जंगल में पिछले एक महीने से जंगल काटा जा रहा है। नरेंद्रनगर वन प्रभाग में 70 हेक्टेयर में एक हजार पेड़ों की एनओसी है लेकिन जिस तरह से गण डांडा के जंगल में लकड़ियों के ढेर लगे हैं उस स्थिति में वहीं पर एक हजार से ज्यादा बांज, बुरांश और चीड़ के पेड़ काटे जाने की आशंका है। उन्होंने बताया कि लकड़ियों से भरे करीब 50 से अधिक ट्रक जे जाए गए हैं। अभी मौके पर दर्जनों ट्रक लकड़ी उपलब्ध है। इस मौके पर पहुंचे पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि वहां लकड़ियों के ढेर बता रहे हैं कि निश्चित रूप से अवैध कटान किया जा रहा है। उन्होंने वन विभाग से इस मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। पावर ग्रिड के टावर लगाने के लिए केंद्र सरकार के वन मंत्रालय से टिहरी, नरेंद्रनगर और देहरादून में 10 हजार पेड़ हटाने की एनओसी दी गई है। नरेंद्रनगर वन प्रभाग में ही 70 हेक्टेयर जमीन पर एक हजार पेड़ों की एनओसी है। वन निगम चिह्नित पेड़ों का ही पातन कर रहा है। बावजूद ज्यादा पेड़ काटे जाने की आशंका है तो इसकी जांच की जाएगी।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Dec 16, 2025, 13:36 IST
एनओसी की आड़ में काट दिए कई पेड़, नरेंद्रनगर डिविजन का मामला #SubahSamachar
