Pithoragarh: पुल की मांग पर 90 साल की बुजुर्ग माताएं भी धरने पर बैठीं, विधायक ने कहा- सरकार के वश में नहीं, मैं बनाऊंगा क्वारबन नई सड़क
पिथौरागढ़ जिले के बेलतड़ी-क्वारबन सड़क पर पुल निर्माण की मांग पर क्षेत्र के लोगों ने कलक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। 75 से 90 साल की बुजुर्ग महिलाएं भी धरने पर बैठीं। उन्होंने कहा कि उम्र के अंतिम पड़ाव में उनके गांव तक सड़क तो पहुंचाई गई। पुल न बनने से उनका गांव तक वाहन पहुंचने का सपना अब भी पूरा नहीं हो सका है। गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचने के लिए पैदल सफर करना पड़ रहा है लेकिन उनकी यह परेशानी किसी को नहीं दिख रही है। क्वारबन के ग्रामीणों का दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। उन्होंने कहा कि पुल न बनने से उनके लिए सड़क का कोई औचित्य नहीं है। कहा कि जब तक पुल का निर्माण शुरू नहीं होता वे धरने से नहीं उठेंगे। लोगों के साथ धरने पर बैठे विधायक मयूख महर ने कहा कि कार्यदायी संस्था की लापरवाही से क्वारबन गधेरे में पुल नहीं बन सका है। दोनों तरफ सड़क निर्माण में बड़ी अनियमितता बरती गई है, इससे पुल का निर्माण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां पुल बनाना सरकार के बस की बात नहीं है। क्षेत्र की जनता को राहत पहुंचाने के लिए खुद नई सड़क का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि नई सड़क से सफर 10 किलोमीटर लंबा होगा लेकिन इससे लोगों की आवाजाही सुगम होगी। उन्होंने धरनास्थल पर नई सड़क के लिए अपनी निधि से 10 लाख रुपये के साथ अपने संसाधन देने की घोषणा की। कहा कि सरकार आंदोलनकारियों से वार्ता करने के लिए छोटे कर्मचारियों को भेज रही है और जिम्मेदार अधिकारी कुर्सी से नहीं उठ रहे हैं। कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी उचित फैसले के साथ धरनास्थल पर नहीं पहुंचेंगे तब तक किसी भी कर्मचारी और अधिकारी से वार्ता नहीं की जाएगी। कहा कि क्षेत्र के लोगों के साथ वह भी आंदोलन में डटे रहेंगे। धरना देने वालों में जिला पंचायत सदस्य रेनू भट्ट, बीडीसी सदस्य सुधा सौन, प्रधान राजकुमार, फकीर सिंह रावत, मनोज भाट, राजेंद्र चंद्र सहित कई लोग शामिल रहे। मंत्री जोशी बोले, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई बीते सोमवार जिला भ्रमण पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से क्वारबन पुल को लेकर सवाल पूछा गया। उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि विधायक मयूख महर ने इस मामले में फोन किया था। उनसे वार्ता हुई। कहा कि सड़क का अनियोजित तरीके से निर्माण कर पुल निर्माण में बाधक बनने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बोली बुजुर्ग महिलाएं उम्र के अंतिम पड़ाव में गांव तक वाहन पहुंचने का सपना पूरा नहीं हो सका है। गर्भवतियां पैदल सफर कर अस्पताल पहुंच रही हैं। इस दर्द को देखने वाला कोई नहीं है। ऐसे में मुझे भी पुल निर्माण की मांग पर धरने पर बैठना पड़ा है। - राधिका देवी, 90 वर्ष ग्रामीणों के साथ ही बीमारों और गर्भवतियों की परेशानी को अनदेखा किया गया है। बगैर पुल के सड़क पर वाहन कैसे चलेंगे इतना तो सभी को सोचना चाहिए। अब तक पुल नहीं बन सका है। मजबूरन मुझे भी धरने पर बैठना पड़ा है। - जानकी देवी, 75 वर्ष
- Source: www.amarujala.com
- Published: Dec 10, 2025, 10:32 IST
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