Rampur Bushahar News: कंपनी की लीकेज और विभाग की लीपापोती में ढह रही सरपारा सड़क, दांव पर सेब सीजन
बरसात की तैयारी - कनराडू देवता मंदिर के पास बना स्थायी स्लाइडिंग पॉइंट, 2024 की आपदा के बाद हर बारिश में बढ़ रहा भूस्खलन का खतरा- ग्रीनको की पाइपलाइन लीकेज से खोखली हो रही पहाड़ी, पिछले साल एक बॉक्स सेब पार कराने पर चुकाने पड़े थे अतिरिक्त 35 रुपये- 80 लाख की सॉइल स्टेबलाइजेशन योजना मानसून के बाद शुरू होगी, पूछ रहे लोग-इस बरसात सुरक्षा की जिम्मेवारी किसकीविश्वास भारद्वाजरामपुर/समेज (शिमला)। समेज त्रासदी के दो वर्ष बाद भी रामपुर उपमंडल की सरपारा सड़क सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच फंसी हुई है। कनराडू देवता मंदिर के पास का सड़क का लगभग 400 मीटर का हिस्सा आज भी ढहने के कगार पर है। वर्ष 2024 की आपदा के बाद यह स्थान स्थायी स्लाइडिंग पॉइंट बन चुका है, जहां हल्की बारिश भी बड़े भूस्खलन की आशंका पैदा कर देती है। अमर उजाला ने जब ग्राउंड जीरो पर पड़ताल की, तो सामने आया कि सड़क के लगातार कमजोर होने के पीछे केवल प्राकृतिक कारण ही नहीं, बल्कि ग्रीनको कंपनी की पाइपलाइन से लगातार हो रहा पानी का रिसाव भी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रिसते पानी ने पहाड़ी को भीतर से खोखला कर दिया है, जिससे सड़क का आधार लगातार कमजोर हो रहा है। क्षतिग्रस्त सड़क से गुजरते समय हर वाहन चालक और राहगीर खतरा महसूस करता है। आठ महीने बस सेवा रही थी बंदपंचायत प्रधान इंद्र खुराना, उपप्रधान अर्जुन केदारटा और सीकासेरी वार्ड-तीन से सदस्य जेपी कशेट ने बताया कि पिछले वर्ष इसी स्थान पर हुए भूस्खलन के कारण करीब आठ महीने तक बस सेवा पूरी तरह बंद रही थी। यदि इस मानसून में सड़क दोबारा धंसती है, तो पंचायत के चार वार्डों के लगभग एक हजार लोगों का रामपुर से संपर्क टूट जाएगा। ग्रामीणों के सामने राशन, स्वास्थ्य सेवाओं और दैनिक जरूरतों तक के लिए संकट खड़ा हो जाएगा। उनका आरोप है कि लोक निर्माण विभाग और ग्रीनको कंपनी केवल अस्थायी मरम्मत कर जिम्मेदारी से बच रहे हैं। सरपारा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का बागवानी भी मुख्य आधार है। आगामी सीजन में सेब की लगभग 25 हजार पेटियां इसी सड़क से मंडियों तक पहुंचनी हैं। यदि सड़क बंद हुई, तो परिवहन प्रभावित होगा और बागवानों को आर्थिक नुकसान होगा। पिछले वर्ष भी सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण बागवानों को एक बॉक्स सेब इस पार से उस पार पहुंचाने के लिए 35 रुपये अतिरिक्त मजदूरी देनी पड़ी थी। दो साल से शिकायतें, समाधान अब भी अधूरासरपारा पंचायत सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि एसएन नेगी ने बताया कि वर्ष 2024 से लगातार ग्रीनको कंपनी और लोक निर्माण विभाग को लिखित शिकायतें दी जा रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। कंपनी को तत्काल पाइपलाइन की लीकेज बंद कर पानी के चैनल को ऊंचा करना चाहिए, ताकि रिसाव सड़क तक न पहुंचे। उनका आरोप है कि विभागीय स्तर पर केवल आश्वासन दिए गए, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति लगातार बिगड़ती रही।काम मंजूर, लेकिन बरसात खत्म होने का इंतजारग्रीनको समेज कंपनी के जीएम चमन ठाकुर ने बताया कि सड़क किनारे ड्रेन निर्माण का कार्य स्थानीय ठेकेदार को सौंप दिया गया है। साथ ही पानी की निकासी के लिए रोड क्रॉसिंग पाइप भी डाले जाएंगे, जिससे रिसाव पर नियंत्रण पाया जा सके।फिलहाल सड़क यातायात के लिए खुलीलोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अंकुश जमवाल के अनुसार सड़क फिलहाल यातायात के लिए खुली है। विभाग ने पाइपलाइन लीकेज ठीक करने को लेकर कंपनी को लिखित निर्देश जारी किए हैं। प्रभावित हिस्से में 80 लाख की लागत से सॉइल स्टेबलाइजेशन का कार्य स्वीकृत हो चुका है, यह कार्य मानसून समाप्त होने के बाद ही शुरू किया जा सकेगा। समेज सरपारा सड़क के किनारे पहाड़ी पर हो रही पानी की लीकेज। समेज सरपारा सड़क के किनारे पहाड़ी पर हो रही पानी की लीकेज। समेज सरपारा सड़क के किनारे पहाड़ी पर हो रही पानी की लीकेज। समेज सरपारा सड़क के किनारे पहाड़ी पर हो रही पानी की लीकेज।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 01, 2026, 19:27 IST
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