पीएलएफएस में नई व्यवस्था: रोजगार के साथ महिलाओं के घरेलू काम का हिसाब रखेगी सरकार, 2027 से बदलाव

जनवरी 2027 से सरकार रोजगार के साथ घर-परिवार में बिना वेतन किए जाने वाले काम का भी आकलन करेगी। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के तहत 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के खाना बनाने, सफाई, बच्चों व बुजुर्गों की देखभाल, स्वैच्छिक कार्य और बिना वेतन प्रशिक्षण में बिताए समय का ब्योरा जुटाया जाएगा। हालांकि, घरेलू काम को रोजगार नहीं माना जाएगा। नई प्रश्नावली में गिग वर्कर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म से काम करने वालों की भी अलग पहचान होगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए नया नमूना फ्रेम सर्वेक्षण में बेरोजगारी के साथ श्रम के अपर्याप्त इस्तेमाल का आकलन भी किया जाएगा। प्रत्येक चयनित परिवार का लगातार चार महीने सर्वे होगा। पहले महीने विस्तृत और अगले तीन महीनों में संक्षिप्त प्रश्नावली इस्तेमाल होगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए नया नमूना फ्रेम तैयार किया जाएगा, जिससे दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और चुनिंदा जिलों के श्रम बाजार की स्थिति का आकलन हो सकेगा। इन सवालों का जवाब तलाशा जाएगा नए सवालों से पता चलेगा कि 15 वर्ष व उससे अधिक आयु के लोग घरेलू काम, बच्चों-बुजुर्गों की देखभाल, स्वैच्छिक कार्य, बिना वेतन प्रशिक्षण और अपने उपयोग की वस्तुओं के उत्पादन में कितना समय देते हैं। अभी यह जानकारी समय उपयोग सर्वेक्षण से मिलती है, जो हर साल नहीं होता। नए आकलन से श्रम व आर्थिक योगदान की व्यापक तस्वीर सामने आएगी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 06, 2026, 10:04 IST
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