Kangra News: सावधान! दोस्त को उधार दे रहे हैं तो यह खबर जरूर पढ़ लें

धर्मशाला। दोस्ती में न माफी न धन्यवादकी कहावत अब कोर्ट के एक फैसले में सच साबित हुई है। कांगड़ा की सिविल अदालत ने उधार दिए 12 हजार रुपये वापस न करने और चेक बाउंस होने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। सिविल जज प्रियांशी की अदालत ने प्रतिवादी को मूलधन के साथ वाद दायर होने की तिथि से भुगतान तक नौ फीसदी वार्षिक ब्याज और मुकदमे का पूरा खर्च अदा करने के आदेश दिए हैं।मामले के अनुसार कांगड़ा के समीपवर्ती क्षेत्र के वादी ने नवंबर 2020 में अपने एक दोस्त को जरूरत के समय 12 हजार रुपये उधार दिए थे। इस रकम को लौटाने के लिए प्रतिवादी ने जनवरी 2021 का एक चेक दिया, लेकिन खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। प्रतिवादी के दोबारा दिए आश्वासन पर जब चेक फिर से बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो वह दूसरी बार भी बाउंस हो गया। इसके बाद वादी ने प्रतिवादी को एक कानूनी नोटिस भेजा, जिसे उसने लेने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद वादी ने न्याय के लिए अदालत में धनवसूली का दीवानी वाद दायर किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से बार-बार समन जारी किए जाने के बावजूद प्रतिवादी न तो अदालत में पेश हुआ और न ही उसने अपनी ओर से कोई लिखित जवाब दाखिल किया। प्रतिवादी के इस रवैये पर अदालत ने उसे एक्स-पार्टी घोषित कर दिया। इसके बाद वादी ने अदालत में चेक, दोनों बैंक रिटर्न मेमो, कानूनी नोटिस और डाक संबंधी दस्तावेज साक्ष्य के रूप में पेश किए। अदालत ने माना कि वादी की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों का प्रतिवादी की तरफ से कोई खंडन नहीं किया गया है और रिकॉर्ड पर उपलब्ध सभी दस्तावेजों से वादी का दावा पूरी तरह सिद्ध होता है। इसके आधार पर अदालत ने प्रतिवादी के खिलाफ वादी के पक्ष में डिक्री पारित कर दी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 30, 2026, 18:48 IST
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