आंध्र के तट से टकराया चक्रवात मुरासु भारी बारिश से उखड़े कई पेड़, जनजीवन प्रभावित
चक्रवात मुरासु ने गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले लिया है और इसके प्रभाव से दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम बेहद खराब हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय क्षेत्र में चक्रवात मुरासु के लैंडफॉल यानी तट से टकराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है। चिराला इलाके में भी तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। आंध्र प्रदेश के अलावा तेलंगाना, तमिलनाडु और ओडिशा में भी चक्रवात का असर पड़ने की आशंका जताई गई है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। चक्रवात मुरासु को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। ओंगोल में जिला कलेक्टर पी. राजाबाबू ने आधी रात को कलेक्ट्रेट स्थित कमांड कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चक्रवात से निपटने के लिए की गई तैयारियों और राहत व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तूफान के कारण जिन स्थानों पर पेड़ गिर गए हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए और बाधित यातायात को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। उन्होंने आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने और प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश भी दिए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और तूफान से होने वाले संभावित नुकसान को कम करना है। अधिकारियों के मुताबिक, चक्रवात के खतरे को देखते हुए अब तक लगभग दो हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। इसके अलावा करीब 30 हजार अन्य लोगों को भी जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की योजना बनाई गई है। राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं को तैयार रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि यह चक्रवात पिछले सप्ताह आए अर्नब तूफान की तुलना में कमजोर है, लेकिन इसके बावजूद तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण तटीय क्षेत्रों में नुकसान की आशंका बनी हुई है। चक्रवात मुरासु का असर तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी साफ दिखाई देने लगा है। पुडुचेरी में आधी रात से लगातार बारिश हो रही है, जबकि तमिलनाडु के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी है। चक्रवात से जुड़े बादल चेन्नई तक पहुंच गए हैं, जिसके कारण वहां मौसम की परिस्थितियां प्रभावित हुई हैं। खराब मौसम को देखते हुए 2 नवंबर को आयोजित होने वाली WTA ओपन टेनिस प्रतियोगिता को स्थगित कर दिया गया है। अब यह प्रतियोगिता 8 नवंबर को आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। खिलाड़ियों, आयोजकों और दर्शकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। कुल मिलाकर चक्रवात मुरासु के कारण दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल की प्रक्रिया के बीच राहत एवं बचाव दल सक्रिय हैं। तमिलनाडु और पुडुचेरी में लगातार बारिश से सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। प्रशासन लोगों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे समुद्र तटों, जलभराव वाले इलाकों और तेज हवाओं के संपर्क में आने वाले जोखिम भरे स्थानों से दूर रहें तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Nov 03, 2026, 02:02 IST
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