NCPCR: नाबालिगों की सुरक्षा के लिए एनसीपीसीआर ने जारी किया मसौदा, एक ही पाली में काम करेंगे बाल कलाकार, तीन घंटे बाद ब्रेक

मनोरंजन उद्योग में बाल कलाकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने मसौदा जारी किया है, जिसमें कहा है कि किसी भी नाबालिग को लगातार 27 दिनों से ज्यादा काम नहीं करना चाहिए। यह भी निर्देश हैं कि बच्चे की आय का 20 % सावधि जमा खाते में जमा करना होगा। इस मसौदे में रियलिटी शो, धारावाहिक, समाचार और सूचनात्मक मीडिया जैसे टेलीविजन कार्यक्रम, फिल्में, ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर सामग्री, प्रदर्शन कला, विज्ञापन या किसी अन्य प्रकार की व्यावसायिक मनोरंजन गतिविधियों में बच्चे की भागीदारी शामिल है। मसौदे का उद्देश्य बाल कलाकारों को उनके लिए एक स्वस्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित करते हुए शारीरिक और मनोवैज्ञानिक तनाव से बचाना है। मसौदा के मुताबिक बच्चा हर रोज सिर्फ एक ही पाली में भाग लेगा। इस दौरान उसे हर तीन घंटे बाद एक ब्रेक देना होगा। जिला मजिस्ट्रेट से लेनी होगी अनुमति निर्माताओं को जहां शूटिंग होनी है वहां के जिला मजिस्ट्रेट से शूटिंग में बच्चे को शामिल करने की अनुमति लेनी होगी। उसे मजिस्ट्रेट के सामने यह सुनिश्चित करने वाला बयान पेश करना होगा कि बच्चे के साथ दुर्व्यवहार या शोषण नहीं हुआ है। इसके लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी भी देनी होगी। स्कूल छूटने पर पढ़ाएगा निजी ट्यूटर निर्माता को यह सुनिश्चित करना होगा कि शूटिंग में लगे बच्चों की स्कूली शिक्षा प्रभावित न हो। मनोरंजन उद्योग में व्यस्तता की वजह से स्कूल की उपस्थिति से छूटे हुए बच्चे को निर्माता द्वारा नियुक्त एक निजी ट्यूटर द्वारा पढ़ाया जाएगा। सुरक्षित वातावरण देना होगा दिशानिर्देश बच्चे को ऐसी भूमिका देने या स्थिति मेंडाले जाने से भी रोकते हैं जो अनुचित है या संकट का कारण बनता है। निर्माताओं को यह सुनिश्चित करनाहोगा कि काम का माहौल सुरक्षित है। उन्हें बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाली रोशनी, दूषित सौंदर्य प्रसाधनों के संपर्क से भी बचाना होगा। बच्चों को वयस्कों और खासतौर पर विपरीत लिंग के लोगों के साथ ड्रेसिंग स्पेस या कमरे साझा करने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए। दायरे में सभी नए कानून किशोर न्याय अधिनियम, 2015, बाल श्रम संशोधन अधिनियम, 2016, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत बच्चों को अपराधों से बचाने के लिए कुछ नए कानून बनाए गए हैं। मुख्य बातें लगातार 27 दिन से ज्यादा नहीं लिया जा सकेगा काम बच्चे की आय का कम से कम 20 फीसदी सीधे राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि खाते में करना होगा जमा उल्लंघन के मामले में जुर्माने और कारावास सहित सख्त दंड के प्रावधान बच्चों को शराब, धूम्रपान या किसी अपराध में लिप्त नहीं दिखा सकते किसी भी निगरानी तंत्र की अनुपस्थिति में मनोरंजन उद्योग में बच्चों के शोषण का गंभीर खतरा है क्योंकि उनके पास अपनी कमाई प्राप्त करने का कानूनी अधिकार नहीं है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 26, 2022, 05:54 IST
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