West Asia: ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने US के साथ बातचीत से इनकार किया, कहा- भरोसे का स्तर शून्य पर है
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच भरोसे का स्तर शून्य है। अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में अराघची ने साफ किया कि तेहरान को अमेरिकी कामों में कोई ईमानदारी नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत का अनुभव कभी अच्छा नहीं रहा है। क्या बोलेईरानी विदेश मंत्री अराघची ने बताया कि पुराने समझौतों की नाकामी और हालिया दुश्मनी की वजह से कूटनीतिक रास्ते बंद हैं। उन्होंने याद दिलाया कि वर्षों पहले एक समझौता हुआ था, लेकिन अमेरिका बिना किसी ठोस वजह के उससे पीछे हट गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले साल और इस साल भी अमेरिका के साथ बातचीत हुई, लेकिन उसका नतीजा केवल अमेरिकी हमले के रूप में सामने आया। ये भी पढ़ें:क्या US का यू-टर्न:'अमेरिकी सैनिक दो-तीन हफ्ते में ईरान छोड़ेंगे'; एक माह से जारी जंग के बीच ट्रंप का बयान सैन्य तैयारियों पर कही ये बात मौजूदा तनाव के बीच विदेश मंत्री ने सैन्य तैयारियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना किसी भी संभावित अमेरिकी जमीनी हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि जमीनी हमला करना उसकी एक बड़ी गलती होगी। अराघची ने कहा, 'हम उनका इंतजार कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि वे ऐसी हिम्मत करेंगे। वहां उनका सामना करने के लिए बहुत बड़ी ताकत तैयार बैठी है।' ईरानी विदेश ने किया दावा ईरानी विदेश मंत्री ने दावा किया कि अमेरिकी सेना को पहले ही काफी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के रडार, विमान और ईंधन ले जाने वाले टैंकरों को नुकसान पहुंचा है। अराघची के अनुसार, ईरान अपनी रक्षा करना अच्छी तरह जानता है। जमीनी जंग में वह और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन उसने पूरी ताकत से अपना बचाव किया है। होर्मुज पर कही ये बात रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलमार्ग के बारे में उन्होंने स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि यह रास्ता फिलहाल केवल उन लोगों के लिए बंद है जो ईरान के साथ युद्ध कर रहे हैं। अराघची ने तर्क दिया कि यह जलमार्ग ईरान और ओमान की समुद्री सीमा में आता है। इसलिए इसका प्रबंधन करना इन दोनों देशों के लिए सामान्य बात है। ये भी पढ़ें:West Asia Conflict:होर्मुज एक महीने से बंद, 1970 के दशक से भी बड़े ऊर्जा संकट के मुहाने पर पहुंची दुनिया दुश्मन देशों के जहाज पर प्रतिबंध उन्होंने कहा युद्ध के समय यह सामान्य है कि दुश्मन को व्यापार के लिए अपने समुद्री रास्तों का इस्तेमाल न करने दिया जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मित्र देशों के जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल रहा है। कुछ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने सुरक्षा और ऊंचे बीमा की वजह से इस रास्ते से दूरी बनाई है, लेकिन तेहरान अपने दोस्तों का ख्याल रख रहा है। अराघची ने दोहराया कि युद्ध के बाद इस जलमार्ग की स्थिति क्या होगी, इसका फैसला ईरान और ओमान ही करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में यह फिर से शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए एक सुरक्षित रास्ता बन सकता है। फिलहाल, ईरान को अमेरिका पर भरोसा करने या भविष्य की बातचीत से किसी अच्छे नतीजे की कोई उम्मीद नहीं है। अन्य वीडियो-
- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 01, 2026, 07:27 IST
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