Kangra News: खक्कोड़ खड्ड बनी 300 बेसहारा पशुओं के लिए संकट, बारिश में गौशाला का संपर्क टूटने से इलाज प्रभावित

कांगड़ा जिले की ज्वाली तहसील के हार खब्बल स्थित श्री मणि महेश गौशाला में रह रहे करीब 300 बेसहारा पशुओं का जीवन इन दिनों बरसात के कारण संकट में है। गौशाला तक पहुंचने के लिए खक्कोड़ खड्ड को पार करना पड़ता है, लेकिन बरसात में जलस्तर बढ़ने से मार्ग पूरी तरह बाधित हो जाता है। इससे पशुओं के लिए चारा, दवाइयां और चिकित्सकीय सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाता है। गौशाला प्रबंधन के अनुसार, सामान्य दिनों में पशुओं के लिए चारा और स्वास्थ्य सेवाएं किसी तरह पहुंच जाती हैं, लेकिन बरसात के दौरान खड्ड उफान पर होने से स्थिति गंभीर हो जाती है। पुल नहीं होने के कारण देखभाल करने वाले कर्मचारियों और पशुपालन विभाग की टीम को जान जोखिम में डालकर खड्ड पार करनी पड़ती है। गौशाला समिति के सदस्यों ने बताया कि कुछ दिन पहले चार पशु बीमार हो गए थे। इसके लिए 1962 मोबाइल वेटनरी एंबुलेंस सेवा को बुलाया गया, लेकिन खड्ड में तेज बहाव होने के कारण एंबुलेंस गौशाला तक नहीं पहुंच सकी और वापस लौटना पड़ा। इसके बाद बुधवार को एक वेटनरी फार्मासिस्ट ने जोखिम उठाकर उफनती खड्ड पार की और बीमार पशुओं का उपचार किया। समिति के सदस्यों का कहना है कि पिछले एक वर्ष से जिला प्रशासन और कृषि एवं पशुपालन मंत्री को पुल निर्माण की मांग कई बार लिखित और मौखिक रूप से बताई जा चुकी है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। उनका कहना है कि पुल बनने से न केवल पशुओं को समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि गौशाला तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने में भी सुविधा होगी। इस संबंध में कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि संबंधित स्थान पर पुल निर्माण की योजना पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए अनुमान (एस्टीमेट) तैयार करवाकर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 08, 2026, 17:06 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »


Kangra News: खक्कोड़ खड्ड बनी 300 बेसहारा पशुओं के लिए संकट, बारिश में गौशाला का संपर्क टूटने से इलाज प्रभावित #SubahSamachar