गढ़ में कार्तिक पूर्णिमा मेला: रखी जा रही संदिग्धों पर नजर, ड्रोन कैमरों से निगरानी; खुफिया विभाग भी सक्रिय

श्रद्धालुओं के निरंतर आगमन से कार्तिक पूर्णिमा मेला क्षेत्र की रंगत हर घंटे बदल रही है। देवोत्थान एकादशी के बाद श्रद्धालुओं का मेले में आगमन और भी तेज हो जाएगा। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन, जिला पंचायत, पुलिस व अन्य सभी विभाग मेला क्षेत्र में सक्रिय हैं। पशु मेले की रंगत भी रोजाना बढ़ रही है। वहीं, मेला क्षेत्र की सफाई व्यवस्था में तरंग दल सहयोग करते हुए स्वच्छता का संदेश दे रहा है। कार्तिक पूर्णिमा मेले का मुख्य पर्व दीपदान चार और पूर्णिमा मुख्य स्नान पांच नवंबर को है। पांच नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था की डुबकी लगाने के उपरांत अधिकांश भक्त अपने गंतव्यों को लौट जाएंगे। वहीं, अधिकारिक तौर पर मेला छह नवंबर तक चलेगा। इस समय श्रद्धालुओं का आगमन तेजी के साथ मेला क्षेत्र की ओर हो रहा है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार शनिवार की देर शाम तक मेला क्षेत्र में करीब 14 लाख लोग पहुंच चुके हैं। जो वहां पर बनी तंबू नगरी में बस गए हैं और विभिन्न धार्मिक कर्मकांड करने के साथ ही जमकर मौज-मस्ती कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है। जिस कारण मेले में मौजूद खाली जगह भी तेजी से भर रही है। पूर्णिमा मेला अब अपने पूरे शवाब पर है, आने वाले चार दिन यहां पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन की अग्नि परीक्षा होगी। श्रद्धालुआें की सुरक्षा के लिए खाकी तैनात है। शनिवार को भी डीएम अभिषेक पांडेय, एसपी ज्ञानंज्य सिंह ने जिले के सभी विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान विभिन्न सेक्टरों से आए थाना प्रभारी, मजिस्ट्रेटों ने मेले में पाई गई कमियों के संबंध में जानकारी दी। समीक्षा बैठक के बाद अधिकारियों ने ड्रोन और नाव के माध्यम से मेले में सुरक्षा व्यवस्था को परखा। इस दौरान एसपी ने कहा मेले में गंगा में पशुओं के स्नान पर रोक लगाई जाए, मेले में तेज रफ्तार से वाहन नहीं चलने चाहिएं, ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाए। वहीं, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए खुफिया तंत्र भी लगातार अपना काम कर रहा है। गंगा के तट पर लगने वाले पशु मेले में भी व्यापारियों का पहुंचना जारी है। जो अपने-अपने पशुओं को लेकर यहां आ रहे हैं। इसके अलावा पशु के लिए इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं के साथ ही चारे के कारोबारी भी यहां पहुंच चुके हैं। जिनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए पुलिस-प्रशासन जुटा हुआ है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तैयार किए गए तरंग दल में शामिल युवाओं व छात्रों ने शनिवार को भी मेला क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया। इस दौरान नक्का कुआं मंदिर के कार्यकारी महंत बारह गिरि महाराज भी उनके साथ अभियान में सम्मिलित हुए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के स्थानों को स्वच्छ रखना सभी का कर्तव्य और धर्म है। इसके अलावा हमें अपने घर, गांव और क्षेत्र को भी स्वच्छ रखना चाहिए।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 01, 2025, 21:48 IST
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