त्योहारों पर देखने को मिला बाढ़ का असर, मिट्टी के बर्तन हुए महंगे
मिट्टी के बर्तन बनाकर अपने परिवार का पालन करने वाले कुम्हारों ने त्योहार के सीजन के चलते एक बार फिर अपनी चाक की रफ्तार बढ़ा दी है। मिट्टी के बर्तन बनाने वालों के घरों पर सुबह से लेकर शाम तक मिट्टी के दीए व बर्तन बनाने का काम शुरू है। तेजी से घूमते चाक पर उंगलियां मिट्टी को मनचाहा आकार देने में लगी हुई हैं। परंतु जब इन कुम्हार परिवारों से बात हुई तो उन्होंने बताया कि उनके तकरीबन 60 परिवार बरनाला में एक जगह रहते हैं और जिनका गुर्जर-बसर भी मिट्टी के बर्तन बनाकर ही होता है। सारे परिवार के सदस्य मिट्टी के साथ मिट्टी होकर मिट्टी के बर्तन बनाने में जुटे हैं। परंतु इस बार पंजाब में आई बाढ़ और बरसात के कारण उनका कारोबार ठप हो गया है उनका पहले से बना हुआ सामान भी बरसात में खराब हो गया और इस बार बाढ़ और ज्यादा बारिश आने की वजह से मिट्टी के दाम तीन गुना हो गए हैं जो मिट्टी की ट्रॉली तीन हजार रुपये में मिलती थी। वह अब 10 से 12 हजार रुपये में मिल रही है जिसके चलते उन्होंने दाम ऊंचे किए लेकिन ना तो दुकानदार उनका सही दाम दे रहा है और ना ही ग्राहक महंगा सामान खरीद रहा है जिसके चलते उनकी दिवाली इस बार फिक्की जाने वाली है। दूसरा बाजारों में चाइना का सामान बहुत ज्यादा और सस्ता बिक रहा है। इस वजह से भी उनके कारोबार पर काफी प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील कि है कि वह चाइना के सामान पर रोक लगाएं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 18, 2025, 21:24 IST
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