दिल्ली के डॉक्टरों की उपलब्धि : दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त किशोर की बचाई जान

रीढ़ के साथ फेफड़ों की बीमारी से ग्रस्त 16 वर्षीय किशोर की जान बचाकर दिल्ली के डॉक्टरों ने एक बार फिर उपलब्धि हासिल की है। यह परेशानी दूर होते ही मरीज पहली बार सीधा खड़ा हो पाया है। किशोर जन्म से ही काइफोस्कोलियोसिस नामक बीमारी से पीड़ित था, जो रीढ़ की हड्डी में होती है। इसकी वजह से मरीज के फेफड़ों की कार्य क्षमता भी कम हो गई। नई दिल्ली स्थित इंडियन स्पाइन इंजरी सेंटर के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर मरीज की जान बचाई। डॉक्टरों के अनुसार, काइफोस्कोलियोसिस का यह मामला दुर्लभ है, जिससे फेफड़ों की क्षमता कम हो जाती है। अभी तक ऐसा मामला पहले कभी देखने को नहीं मिला था। फेफड़ों की कार्य क्षमता सही नहीं होने की वजह से किशोर बीते तीन वर्ष से ऑक्सीजन सपोर्ट पर था। वह सीधा खड़े होकर चलने में भी सक्षम नही था। उसकी हालत 12 साल की उम्र के बाद खराब हो गई, जब फेफड़ों की खराब स्थिति के कारण उसे सांस लेने में तकलीफ हुई। रीढ़ की हड्डी में प्रीऑपरेटिव 128 डिग्री हो गया था, जिसे सर्जरी के बाद 61 डिग्री तक सही किया गया। वहीं, हेलो-पेल्विक ट्रैक्शन सहित 2-स्टेप वाली सर्जिकल प्रक्रिया के माध्यम से उसकी समस्या को ठीक किया गया। मंगलवार को प्रेस कान्फ्रेंस में अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. अंकुर नंदा ने बताया कि पंजाब के गुरदासपुर निवासी 16 वर्षीय हिमेश्वर सर्जरी के अगले दिन से सीधस खड़े होने और चलने में सक्षम था। उसे अब ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत नहीं होती है। पहले उसे सिलिंडर साथ में लेकर जाना पड़ता था।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 16, 2022, 05:55 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




दिल्ली के डॉक्टरों की उपलब्धि : दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त किशोर की बचाई जान #CityStates #Delhi #DelhiNews #DelhiDoctors #Kyphoscoliosis #SubahSamachar