श्रीनगर: असंतुष्ट विधायकों के दबाव में नेकां आलाकमान, छह माह बाद फिर बदेलगी कैबिनेट; कुछ मसलों पर सख्त रहे उमर

उमर कैबिनेट के 27 अक्तूबर को हुए फेरबदल से नेशनल काॅन्फ्रेंस (नेकां) के असंतुष्ट विधायकों का दबाव काम आया। श्रीनगर में पार्टी अध्यक्ष डाॅ. फारूक अब्दुल्ला के गुपकार रोड पर स्थित आवास में करीब दो घंटे चली मैराथन बैठक में विधायकों की नाराजगी शांत करने के लिए कई कड़े नीतिगत फैसले लिए गए। 6 महीने के बाद कैबिनेट में बड़ा फेरबदल करने पर भी मुहर लगाई गई। इस दाैरान मंत्रियों के काम का मूल्यांकन होगा। बैठक में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सरकार और संगठन में अनुशासन को लेकर बेहद सख्त तेवर में नजर आए और विधायकों को फटकार भी लगाई। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे से ही असंतुष्ट विधायकों का गुपकार स्थित डॉ. फारूक अब्दुल्ला के आवास पर पहुंचना शुरू हो गया था। इस उच्चस्तरीय बैठक में कश्मीर घाटी, पीर पंजाल और चिनाब वैली का प्रतिनिधित्व करने वाले 15 वरिष्ठ विधायक शामिल हुए। पार्टी आलाकमान के सख्त निर्देश के चलते इस बैठक से निर्दलीय विधायकों को पूरी तरह दूर रखा गया था। बंद कमरे में हुई इस गहन वार्ता में दोनों शीर्ष नेताओं ने विधायकों की एक-एक शिकायत को सुना और स्पष्ट किया कि संगठन व सरकार की मजबूती के लिए कुछ त्वरित और कुछ चरणबद्ध कदम उठाए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार विधायकों की सभी शिकायतों और मांगों को सुनने के बाद आलाकमान ने कई बड़े और कड़े फैसले लिए हैं। यह तय किया गया कि पार्टी के चुनावी घोषणापत्र के वादों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए एक विशेष उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही मंत्रियों के कामकाज का निष्पक्ष मूल्यांकन करने के बाद 6 महीने के बाद कैबिनेट में बड़ा फेरबदल किया जाएगा। यह बात भी सामने आ रही है कि मंत्रालयों के प्रभार में बदलाव के तहत उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी से लोक निर्माण विभाग का जिम्मा वापस लिया जाना तय है। नासिर पर अडिग उमर सूत्रों ने बताया कि सलाहकार नासिर असलम वानी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पूरी तरह अडिग रहे। उमर ने साफ कर दिया कि नासिर को हटाने को लेकर कोई समझौता नहीं होगा, लेकिन क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए एक और सलाहकार नियुक्त करने का विकल्प खुला रखा गया है। बैठक में ये रहे माैजूद बैठक में गुरेज से नजीर अहमद गुरेजी, अनंतनाग पश्चिम से अब्दुल मजीद लारमी, पांपोर से जस्टिस (सेवानिवृत्त) हसनैन मसूदी, ईदगाह से मुबारक गुल, करनाह से जावेद अहमद मिर्चल, गुलमर्ग से फारूक अहमद शाह, उड़ी से डॉ. सजाद शफी, पुंछ हवेली से एजाज जान, खानसाहिब से सैफुद्दीन भट, बिजबिहाड़ा से डॉ. बशीर अहमद वीरी, लोलाब से कैसर जमशेद लोन, गुलाबगढ़ से इंजीनियर खुर्शीद अहमद, रामबन से अर्जुन सिंह राजू, राजपोरा से गुलाम मोहिउद्दीन मीर और बुधल से जावेद इकबाल चौधरी मौजूद रहे। नेशनल कॉन्फ्रेंस में फूट की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। जो लोग पार्टी को तोड़ने का सपना देख रहे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि यह संगठन कभी नहीं टूटा है और न ही कभी टूटेगा। -डाॅ. फारूक अब्दुल्ला, नेकां अध्यक्ष हम जब भी अपनी समस्याओं को लेकर पार्टी नेतृत्व के पास जाते हैं तो मीडिया इसे इस तरह पेश करता है जैसे नेशनल कॉन्फ्रेंस से कोई अलग पार्टी बन गई हो। कोई नई पार्टी नहीं बनी है। हमारे कुछ मुद्दे थे, जिन्हें हमने मुख्यमंत्री और फारूक साहब के सामने रखा और उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि इनका समाधान किया जाएगा। -नजीर अहमद खान गुरेजी, विधायक

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 07, 2026, 00:23 IST
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