नीट-यूजी: कई स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था, पेपर बनाने से पहुंचाने तक कड़ी निगरानी; सभी राज्यों से मांगा सहयोग

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 21 जून को दोबारा नीट यूजी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निगरानी में होगी। छात्रों को भरोसा दिलाते हैं कि इस बार परीक्षा त्रुटिरहित, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी और समय पर रिजल्ट भी जारी होगा। पीएम खुद परीक्षा के हर पल की जानकारी ले रहे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) मुख्यालय में परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। एनटीए की समीक्षा बैठक के बाद प्रधान ने कहा, कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक हो चुकी है और राज्यों के साथ भी लगातार समन्वय किया जा रहा है। इसलिए छात्रों से आग्रह है कि वे सोशल मीडिया या अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी पढ़ाई पर फोकस करें। शिक्षा मंत्री ने कहा, परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सरकार की तैयारियां जोरों पर है। कई स्तरों पर समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही हैं। प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसे परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। परीक्षा में कई तरह की चुनौतियां होती हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात भी है। इसके बाद, मंगलवार शाम को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ भी बैठक होगी। केंद्रीय वित्त मंत्रालय भी नजर बनाए हुए है। अफवाहों पर ध्यान न दें केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने छात्रों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा, एनटीए के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई नए अधिकारियों की नियुक्तियां की गई हैं, जिसमें संयुक्त सचिव व निदेशक पद के अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने छात्रों से किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने और केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई कर रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी राज्य सरकारों से मांगा सहयोग परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सभी राज्य सरकारों और मुख्यमंत्रियों से सहयोग मांगा गया है। देशभर में 551 शहरों और विदेश में 14 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए भारतीय वायुसेना सहित विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल किया जा रहा है। साइबर हमलों और ऑनलाइन गड़बड़ियों से निपटने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। जल्द ही केंद्रीय गृह सचिव सभी राज्यों के सचिव के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे। पेपर लीक की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में प्रधान ने कहा, पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच कर रही है। इस पूरे मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगी। उन्होंने केहा, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, उनकी आपराधिकता के आधार पर सजा मिलनी चाहिए। आज संसदीय समिति के समक्ष पेश होंगे शिक्षा स्वास्थ्य मंत्रालय, एनटीए व एनएमसी अधिकारी नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की तैयारियों और परीक्षा संचालन को लेकर शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के वरिष्ठ अधिकारी बुधवार को संसद की समिति के समक्ष पेश होंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी विभागीय स्थायी संसदीय समिति ने उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के सचिवों के साथ एनटीए और एनएमसी के शीर्ष अधिकारियों को भी बुलाया है। समिति 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा और एनएमसी अधिनियम, 2019 के तहत नीट के संचालन से जुड़े मुद्दों पर उनका पक्ष सुनेगी। नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने के बाद यह तीसरा संसदीय पैनल है, जिसके समक्ष मंत्रालयों, एनटीए और एनएमसी के अधिकारी पेश होंगे। इससे पहले वे शिक्षा संबंधी संसदीय समिति और सरकारी आश्वासन समिति के सामने भी उपस्थित हो चुके हैं। अधिकारियों ने इन समितियों को बताया था कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान 21 जून को होने वाली पेन-पेपर आधारित पुनर्परीक्षा के सफल आयोजन पर है। 3 मई को आयोजित नीट-यूजी को पेपर लीक की रिपोर्टों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ी है। कुछ छात्रों के आत्महत्या किए जाने की घटनाओं ने भी मामले को और गंभीर बना दिया है। इस बीच, नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई की प्रगति पर भी संसद की एक समिति को जानकारी दी जा चुकी है। सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद ने हाल ही में जांच की स्थिति और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उठाए जा रहे कदमों पर समिति को जानकारी दी थी। एनटीए और सीबीएसई से मांगा लिखित जवाब कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय समिति ने एनटीए से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उसकी परिभाषा में पेपरलीक क्या होता है और 2018 के बाद आयोजित परीक्षाओं में क्या ऐसी कोई घटना हुई है। समिति ने नीट में अनियमितताओं और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से जुड़े विवाद पर भी एनटीए और सीबीएसई से लिखित जवाब मांगा है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 10, 2026, 02:48 IST
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