महाराष्ट्र: NDA में जाने की अटकलों पर अनिल पाटिल का विराम, बोले- शिंदे-फडणवीस से मुलाकात सिर्फ विकास के लिए

महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने की अटकलें तेज थीं। अब पार्टी के विधायक अनिल पाटिल ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के एनडीए में जाने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है और ऐसी चर्चाएं केवल अफवाह हैं। उपमुख्यमंत्री से मुलाकात को राजनीति से जोड़ना गलत अनिल पाटिल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जयंत पाटिल दो दिन पहले मुख्यमंत्री से मिले थे और उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र की नगरपालिका से जुड़े एक मामले को लेकर चर्चा की थी। यह विषय शहरी विकास विभाग से जुड़ा हुआ है, इसलिए संभव है कि इसी सिलसिले में उन्होंने उपमुख्यमंत्री से भी मुलाकात की हो। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात का कोई राजनीतिक अर्थ निकालना उचित नहीं है। बिल का समर्थन करने का मतलब गठबंधन नहीं एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर पाटिल ने कहा कि पार्टी नेतृत्व की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक फैसला या बयान नहीं आया है। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में सुप्रिया सुले भी पार्टी का रुख स्पष्ट कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि संसद या विधानसभा में किसी सरकारी विधेयक का समर्थन करने का मतलब यह नहीं होता कि संबंधित दल सरकार या गठबंधन में शामिल हो गया है। जनप्रतिनिधि कई बार जनहित और मुद्दों के आधार पर समर्थन देते हैं। यह भी पढ़ें:Jantar Mantar:सोनम वांगचुक पर हमला, कॉकरोच पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके का सनसनीखेज आरोप तटकरे और पार्थ पवार की मुलाकात पर भी दी सफाई अनिल पाटिल ने सुनील तटकरे और पार्थ पवार की मुख्यमंत्री से हुई मुलाकातों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों और लंबित परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलते रहते हैं। इसमें किसी तरह का राजनीतिक संदेश तलाशना गलत है। उन्होंने कहा कि विधानसभा और संसद सत्र से पहले जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हैं। पार्थ पवार की मुलाकात भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा थी। प्रदेश अध्यक्ष बनने की खबरों को बताया अफवाह अनिल पाटिल ने खुद के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाओं को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी उन्हें भी केवल मीडिया के जरिए मिली है। उन्होंने कहा कि पार्टी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अच्छा काम कर रहे हैं और संगठन को मजबूत बना रहे हैं। राकांपा में प्रदेश अध्यक्ष का चयन तय संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत होता है। फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पार्टी में कोई चर्चा नहीं चल रही है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 18, 2026, 04:28 IST
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