मौत-नामा': जिंदगी या दर्द की कैद?, निक्की का आखिरी खत, लिखा- अब मैं और नहीं लड़ सकती, पति को मिला बेजान शरीर

दिल्ली पुलिस में चयन का सपना संजोने वाली 26 वर्षीय वैष्णवी उर्फ निक्की ने बीमारी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। रीढ़ की हड्डी में गंभीर गांठ के कारण उठने वाले असहनीय दर्द और किसी पर बोझ न बनने की टीस ने उसे इस कठोर कदम के लिए मजबूर कर दिया। तीन पन्नों के सुसाइड नोट में लिखी उसकी हर एक बात किसी का भी दिल पिघलाने के लिए काफी है। आइए जानते हैं पूरा मामला तीन पन्नों का सुसाइड नोट जिसमें कहीं पति से माफी, मां-बाप की चिंता तो कहीं भाई की शादी की फिक्र और हर लिखे शब्दों में असहनीय दर्द की टीस। रावतपुर थाना क्षेत्र के सुरेंद्र नगर में जहरीला पदार्थ खाकर जान देने वाली वैष्णवी तिवारी उर्फ निक्की (26) का सुसाइड नोट, जिसने पढ़ा उसके आंखों में आंसू आ गए।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 16, 2026, 02:45 IST
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