अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से भारत को कितना लाभ?: देश का विकास दर 6.9% होने का अनुमान, जानें दावा
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अंतिम रूप लेने के बाद भारत के आर्थिक परिदृश्य को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। वैश्विक निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका की ओर से भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ में कटौती से भारत की आर्थिक वृद्धि, निवेश माहौल और बाह्य संतुलन को समर्थन मिलेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए घोषणा की कि भारतीय सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जो तुरंत प्रभाव से लागू होगा। गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि इस कदम से भारत की टैरिफ दर अब अधिकांश एशियाई देशों के 15-19 प्रतिशत के दायरे के अनुरूप हो जाएगी। जीडीपी में सालाना आधार पर करीब 0.2% से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी रिपोर्ट का कहना है कि अगर अमेरिका भारतीय सामानों पर कम किया गया टैरिफ लागू रहता है, तो इससे भारत की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। इसके चलते देश की जीडीपी सालाना आधार पर करीब 0.2 प्रतिशत ज्यादा बढ़ सकती है। यह अनुमान इसलिए लगाया गया है क्योंकि भारत के कुल जीडीपी का लगभग 4 प्रतिशत हिस्सा ऐसे सामानों के निर्यात से जुड़ा है, जिनकी मांग अमेरिका में होती है। साथ ही, टैरिफ घटने पर इन सामानों की मांग बढ़ने की संभावना रहती है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह आकलन किया गया है। निवेश के मोर्चे पर, गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि इस समझौते के बाद ट्रेड पॉलिसी को लेकर बनी अनिश्चितता कम होगी, जिससे निजी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि कैलेंडर वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में निजी पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में सुधार से वास्तविक जीडीपी वृद्धि को और मजबूती मिल सकती है। भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ने की उम्मीद इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए गोल्डमैन सैक्स ने कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि का अनुमान 20 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है। चालू खाता घाटा में आ सकती है गिरावट बाह्य संतुलन के संदर्भ में रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यात पर टैरिफ घटने से कैलेंडर वर्ष 2026 में चालू खाता घाटा लगभग 0.25 प्रतिशत जीडीपी घटकर 0.8 प्रतिशत पर आ सकता है। इसके अलावा, ट्रेड टेंशन में नरमी से पूंजी प्रवाह में सुधार की संभावना है, जिससे रुपये पर दबाव कम होने और वित्तीय परिस्थितियों में स्थिरता आने की उम्मीद जताई गई है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 03, 2026, 13:36 IST
अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से भारत को कितना लाभ?: देश का विकास दर 6.9% होने का अनुमान, जानें दावा #BusinessDiary #National #SubahSamachar
