राष्ट्रीय डेंगू दिवस: सर्वे न अभियान, कैसे बचेगी डेंगू से जान

राष्ट्रीय डेंगू दिवस: सर्वे न अभियान, कैसे बचेगी डेंगू से जान गाजियाबाद। इस साल डेंगू से बचाव के लिए मलेरिया विभाग की तैयारी अधूरी दिख रही है। पिछले साल 1238 डेंगू के मरीज मिले थे। बावजूद इसके विभाग सबक नहीं ले रहा है। मई का महीना आधा बीत चुका है, लेकिन अभी तक सर्वे और अभियान को शुरू नहीं किया जा सका है। स्थिति यह है कि डेंगू जांच लैब में संदिग्धों के खून जांच के लिए किट तक उपलब्ध नहीं है। जिले में मिट्टी के तेल पर प्रतिबंध लगने से एंटी लार्वा के छिड़काव के लिए भी गैर जनपदों पर निर्भर है। डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर वर्ष 15 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है। जिले में पिछले कुछ सालों में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ी है। गनीमत यह रही कि तत्काल इलाज और सक्रियता के चलते डेंगू से होने वाली मौत पर काफ ी हद तक अंकुश लगा है। बारिश होने के बाद डेंगू फैलना शुरू हो जाता है। इस साल मानसून भी कुछ जल्दी आने की संभावना जताई जा रही है। जिसके चलते डेंगू जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी बढ़ गया है। पिछले साल 10 से ज्यादा लोगों की मौत डेंगू से हुई थी। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से मौत की पुष्टि नहीं की थी। इस साल भी मार्च में डेंगू का एक मामला सामने आ चुका है।जागरूकता के लिए कवायद जल्दजिला मलेरिया अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा का कहना है कि मार्च में डेंगू का एक मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर 20 टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने डेंगू मरीज के घर और आसपास के साथ ही बीते साल के प्रभावित इलाकों में सर्वे किया और दवा का स्प्रे किया। इसके साथ ही संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान भी लोगों को जागरूक किया गया। अब विभाग फि र से जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा।यह हैं लक्षण डेंगू में तेज बुखार, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, नाक व मसूड़ों से खून आना, सिर दर्द, त्वचा पर लाल चकते, आंखों के पीछे दर्द होने की परेशानी होती है। मच्छर से करें बचाव और जांच जरूरी एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि बचाव का सबसे बेहतर उपचार है कि मच्छरों से बचाव करें। अगर लक्षण के साथ बुखार आता है तो तत्काल जांच कराएं। यदि समय से इसका उपचार शुरू हो जाए तो मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाता है। डेंगू में प्लेटलेट्स तेजी से गिरती हैं। न्यूनतम स्तर पर पहुंचने के साथ ही शरीर के अंदरूनी हिस्सों रक्तस्राव शुरू हो जाता है। यह स्थिति डेंगू में सबसे ज्यादा गंभीर होती है। इसमें मौत होने का भी खतरा बढ़ जाता है।इसी सप्ताह आएगा दो हजार लीटर मिट्टी का तेल, शुरू होगा सर्वेसीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि डेंगू बुखार बरसात के बाद अगस्त से अक्तूबर के बीच होता है। एहतियात के तौर पर जिलाधिकारी द्वारा सहारनपुर और फर्रुखाबाद से एक-एक हजार लीटर मिट्टी का तेल मंगाया गया है। संवेदनशील क्षेत्र लोनी, मुरादनगर, मोदीनगर, शहरी क्षेत्र में गोविंदपुरम, विजय नगर, कविनगर में सर्वे शुरू कराया जाएगा। सात साल के आंकड़ेवर्ष डेंगू के मामले2022 012021 12382020 152019 882018 682017 2322016 621

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 16, 2022, 01:21 IST
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