सूदखोरी ने ली एक और जान, दुकानदार ने की खुदकुशी

सूदखोरी ने ली एक और जान, दुकानदार ने की खुदकुशी गाजियाबाद। सूदखोरों से परेशान होकर विजयनगर निवासी ललित कुमार (35) ने फांसी लगा ली। सूचना मिलने पर पास ही में रहने वाले उनके दोस्त ने उन्हें परिजनों की मदद से फंदे से उतारा और अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया, यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बीते 11 मई को मोदीनगर के बंजारपुर गांव में भी एक ऑटो चालक ने जहर खाकर आत्म हत्या कर ली थी। विजयनगर के भीमनगर में रहने वाले ललित कुमार का कॉलोनी में ही जनरल स्टोर है। घर में मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि सूदखोरी से तंग आकर वह आत्महत्या कर रहा है। पत्नी सविता ने पुलिस को बताया कि स्टोर में सामान भरने के लिए ललित ने 2019 में वेदपाल, राजन, देवानंद, हरिशंकर, सतीश, मनीष समेत कुछ अन्य लोगों से करीब 20 लाख रुपये ब्याज पर कर्ज लिया था। कोरोना के चलते दुकानदारी नहीं होने से रकम लौटाने में मुश्किल हुई, बावजूद इसके उन्होंने थोड़ा-थोड़ा करके ली गई रकम से चार गुना रुपये सूदखोरों को दे दिए। लगातार धमकाने और सामाजिक दबाव बनाने के चलते उन्होंने 12 मई को अपनी पत्नी और दोस्त विपिन को व्हाट्सएप पर मेसेज कर फांसी का फंदा गले में डाल लिया। मेसेज देखते ही दोस्त विपिन उनके घर पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़कर उन्हें फंदे से नीचे उतारा। मनीपाल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली के सफदरजंग रेफर कर दिया। यहां दो दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद ललित ने 15 मई दम तोड़ दिया। एसएचओ योगेंद्र मलिक ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। सीएम योगी से लगाई गुहार मामले में एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें कर्ज को आत्महत्या का कारण बताया गया है। उन्होंने लिखा कि मम्मी, सविता, रेनू आप सब मिलकर रहना। दुकान को बंद कर देना, उसमें घाटा है। मैं इन लोगों को रकम का चार गुना लौटा चुका हूं, आप लोगों को देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से सूदखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा किया हंगामा पत्नी सविता का कहना है कि सूदखोरों से परेशान होने पर ललित ने कई बार पुलिस में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लेने पर सूदखोरों के हौसले बढ़ गए और वे आए दिन मनमानी रकम वसूलने के लिए दबाव डालने लगे। लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को कमला पिक्चर हॉल चौकी के सामने रखकर हंगामा किया। हालांकि पुलिस द्वारा कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया। मोदीनगर में भी सूदखोरों से तंग युवक ने कर ली थी आत्महत्या पांच दिन पहले 11 मई को मोदीनगर के दौंसा बंजारा में ऑटो चालक भारत भूषण ने सूदखोरों से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों का कहना है कि भारत भूषण ने गोविंदपुर के एक सूदखोर से आठ हजार रुपये कर्ज लिया था। किस्तें न देने पर सूदखोरों ने उसे अपशब्द कहकर ऑटो छीन लिया था। मामले में परिजनों ने तहरीर दी थी लेकिन पुलिस अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं कर सकी है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 17, 2022, 00:42 IST
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