TB Hospital: चार साल में एक भी गंभीर मरीज नहीं हुआ भर्ती, बनकर रह गया परामर्श केंद्र, केवल एक डॉक्टर की तैनाती

हाथरस जिले में इन दिनों 6,124 टीबी मरीज हैं, जिनका उपचार हो रहा है। इन मरीजों को भर्ती कर उपचार देने के लिए बना टीबी अस्पताल स्टाफ और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। यहां बीते चार वर्ष से एक भी टीबी मरीज को भर्ती नहीं किया गया है। जब भी कोई मरीज गंभीर अवस्था में यहां पहुंचता है तो उसे बागला जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। केंद्र सरकार टीबी मुक्त भारत का संकल्प पूरा करने पर जोर लगा रही है, लेकिन टीबी अस्पताल महज एक परामर्श केंद्र बनाकर रह गया है। जो मरीज प्रारंभिक देखभाल के बाद ठीक हो सकते हैं, वे भर्ती न होने के कारण गंभीर अवस्था में पहुंच रहे हैं। टीबी अस्पताल में डे-केयर की सुविधा है। स्टॉफ के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। इमरजेंसी में आने वाले टीबी मरीजों के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करने की सुविधा है। गंभीर मरीजों को हायर सेंटर भेजा जाता है।-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल एवं टीबी अस्पताल।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 09, 2026, 12:08 IST
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