Bipolar Disorder : सिद्धि के लिए मैंने बेटे को मार दिया, दो और की बलि दी...आगे भी यही करता रहूंगा
सिद्धि प्राप्त करने के लिए मैंने बेटे को मार दिया, गांव के दो और लोगों की बलि दीआगे भी यही करता रहूंगा। यह कथन है बेटे की मौत से सदमे में नौकरी छोड़ने वाले शिक्षक पिता का, जो सच नहीं है। ऐसा वह बाइपोलर अफेक्टिव डिसऑर्डर के तहत होने वाली मेनिया नामक मानसिक बीमारी से ग्रसित होने की वजह से कह रहे हैं। परिवार वाले झाड़फूंक से लेकर आसपास के डॉक्टरों को दिखाकर थक गए पर राहत नहीं मिली। किसी ने सलाह दी तो कॉल्विन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इस बीमारी का खुलासा हुआ। भगवतपुर निवासी 52 वर्षीय शिक्षक इमामगंज के एक निजी स्कूल में पढ़ा रहे थे। इसी बीच 22 वर्षीय बेटे की मौत हो गई तो गहरे सदमे में चले गए। डेढ़ साल बाद सदमा मानसिक रोग में तब्दील हो गया। इसकी वजह से उन्हें नौकरी भी छोड़नी पड़ी। गेरुआ वस्त्र धारण करके खुद को सिद्ध पुरुष बताने लगे। परिजनों और गांव वालों का कहना है कि तीनों लोगों की मौत बीमारी से हुई थी। बड़ा बेटा उन्हें कॉल्विन अस्पताल के मन कक्ष लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने पाया कि वह बेटे की मौत के बाद गहरे सदमे में चले गए। ऐसे में उन पर मेनिया नामक मानसिक रोग हावी हो गया है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 30, 2026, 11:24 IST
Bipolar Disorder : सिद्धि के लिए मैंने बेटे को मार दिया, दो और की बलि दी...आगे भी यही करता रहूंगा #CityStates #Prayagraj #BipolarDisorder #Bipolar #BipolarDay #SubahSamachar
