Bangladesh Election: बांग्लादेश में इन दो दलों के बीच मुख्य मुकाबला, सभी का भारत से रिश्ते सुधारने पर जोर

बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए आज वोट डाले जाएंगे। वोटिंग की शुरुआत सुबह सात बजे से होगी। कड़ी सुरक्षा के बीच कराए जा रहे आम चुनाव में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और कभी इसकी सहयोगी रही जमात-ए-इस्लामी के बीच मुख्य मुकाबला है। दोनों ही दलों ने सत्ता में आने पर भारत के साथ रिश्ते सुधारने और मजबूत करने के साथ पर जोर दिया है। चुनाव पूर्व जनमत सर्वेक्षणों में बीएनपी सत्ता में आती दिख रही है, जिसके प्रमुख तारिक रहमान, जो ब्रिटेन में 17 वर्षों के निर्वासन के बाद वापस लौटे हैं, अगली सरकार बनाने की मुहिम का नेतृत्व कर रहे हैं। भारत के साथ रिश्तों पर क्या बोली बीएनपी भारत के साथ रिश्तों पर बीएनपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जीबा अमीना खान ने बुधवार को कहा कि वह सीमा मुद्दों पर शीघ्र समाधान पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत के साथ पड़ोसी संबंध चाहती हैं। उन्होंने कहा, हम पड़ोसी हैं। हम दोस्त हैं। हमें दोस्त रहना चाहिए। हमारी सीमा बहुत लंबी है, इसलिए हमें एक-दूसरे का ख्याल रखना चाहिए। हमें भारत से कोई दुश्मनी क्यों होगी। ये भी पढ़ें-Iran-US:अमेरिका पर भरोसा नहीं कर पा रहा ईरान, विदेश मंत्री अराघची बोले- हम बातचीत और जंग दोनों के लिए तैयार उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश के लोगों की भावनाओं को समझते हुए भारत को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण के तरीके खोजने चाहिए। अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं की सुरक्षा के मुद्दे पर, अमीना खान ने कहा कि यह अल्पसंख्यकों का सवाल नहीं है। वे हमारे नागरिक हैं। छात्र आंदोलन के चलते 15 साल से सत्ता में रहीं प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार पिछले साल अगस्त में गिर गई थी। हसीना सरकार के पतन के बाद यह पहला आम चुनाव है और राजनीतिक वजहों से हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। भारत हमारा निकटतम पड़ोसी- रहमान बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने कहा कि सत्ता में आने पर उनकी पार्टी भारत के साथ मजबूत, सम्मानजनक और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध बनाने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा, हम अपने पड़ोसी देशों और विश्वभर के मित्रों के साथ सकारात्मक संबंध चाहते हैं। भारत हमारा निकटतम पड़ोसी है और यह हमारी प्राथमिकता बना रहेगा। हमारा लक्ष्य संघर्ष पैदा करना नहीं, बल्कि विकास और शांति के लिए साझेदारी बनाना है। आपसी सम्मान और विश्वास आवश्यक हैं। अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर कहा, उनका धर्म कोई भी हो, वे सभी बांग्लादेशी नागरिक हैं। ये भी पढ़ें-एपस्टीन फाइल्स पर अमेरिका में बवाल:अटॉर्नी जनरल बॉन्डी पर नाम छिपाने का आरोप, न्याय विभाग पर उठे सवाल ब्लैक एंड व्हाइट हो गईं ढाका की सड़कें बांग्लादेश में 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में ढाका समेत पूरे देश में स्कूलों और सार्वजनिक इमारतों को पुरानी परंपरा के मुताबिक पोलिंग स्टेशन में बदला जा रहा है। चुनाव आयोग का परामर्श मानते हुए, अभियान में सिर्फ ब्लैक-एंड-व्हाइट बैनर व पोस्टर दिखाए गए। उम्मीदवारों ने इन्हें सीधे दीवारों पर लगाने के बजाय रस्सी से टांगा, जो चुनाव कानूनों के तहत गलत है। इससे ढाका की सड़कें एक खास मोनोक्रोमैटिक लुक दे रही हैं। देश की 300 सीटों में से 299 पर 12.77 करोड़ से ज्यादा मतदाता वोट देंगे, एक सीट पर उम्मीदवार की मौत के चलते वोटिंग टाल दी गई है। मतदान से पूर्व 33.50 अरब की फंडिंग बांग्लादेश में मतदान से ठीक पहले देश में हलचल है। दरअसल, चुनाव से कुछ ही घंटे पहले विश्व बैंक ने ढाका के लिए पैसों की बौछार कर दी है। उसने 37 करोड़ डॉलर, यानी करीब 33.51 अरब रुपये की फंडिंग की, जो ढाका की गंदी नदियों और नालों को साफ करने, सीवर प्रणाली सुधारने और कचरा प्रबंधन मजबूत करने के लिए है। इतनी बड़ी फंडिंग की टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञ इसे महज संयोग न मानकर एक बड़ी योजना मान रहे हैं, ताकि वोटर लुभाए जा सकें। अन्य वीडियो-

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 12, 2026, 04:35 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




Bangladesh Election: बांग्लादेश में इन दो दलों के बीच मुख्य मुकाबला, सभी का भारत से रिश्ते सुधारने पर जोर #World #International #National #BangladeshElection #SouthAsiaPolitics #VotingDay #IndiaRelations #SecurityAlert #ParliamentPoll #OppositionPolitics #SubahSamachar