अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति समारोह: सफलता के मूल मंत्र हैं अनुशासन और आंतरिक शांति, AI को बनाएं अपना सहायक

जिंदगी में हमेशा विकल्प रखने चाहिए। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भी एनडीए में जाना चाहते थे लेकिन वहां चयन नहीं हो सका। इसके बावजूद वह देश के राष्ट्रपति बने और मिसाइल मैन के नाम से प्रसिद्ध भी हुए। वैसे तो जीवन में सभी के लक्ष्य अलग-अलग होते हैं लेकिन सबसे जरूरी है आंतरिक शांति जो भीतर से आती है। यह मायने नहीं रखता कि आप कितना कमा रहे हैं बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि आपके जीवन में शांति है या नहीं। ये बातें मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति समारोह में अमर उजाला समूह के चेयरमैन राजुल माहेश्वरी ने छात्र-छात्राओं से मुलाकात के दौरान कहीं। उन्होंने छात्रों को सफलता के कई महत्वपूर्ण मंत्र दिए। एआई के कारण नौकरियां खत्म होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब कंप्यूटर आया था तब भी ऐसी ही आशंकाएं जताई गई थीं लेकिन समय के साथ नए अवसर भी बने। उन्होंने सलाह दी कि एआई पर पूरी तरह निर्भर होने के बजाय उसे एक सहायक के रूप में उपयोग करें। क्या सफलता घर से बाहर निकलकर ही मिलती है एक छात्र के इस सवाल पर उन्होंने कहा कि बाहर जाने से अवसर जल्द मिल सकते हैं लेकिन घर पर रहकर भी सफलता हासिल की जा सकती है। जरूरी है कि व्यक्ति अपनी परिस्थितियों के अनुसार सही निर्णय ले। युवाओं के देश के प्रति कर्तव्यों पर उन्होंने कहा कि मजबूत व्यक्तित्व विकसित करना और कानून का पालन करना बेहद जरूरी है। कानून में बार-बार बदलाव के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवर्तन एक सतत प्रक्रिया है क्योंकि समय के साथ परिस्थितियां भी बदलती रहती हैं। 100 साल पहले की परिस्थिति अब जैसी नहीं है। एक छात्र ने पूछा कि जीवन में अनुशासन कैसे लाएं तो उन्होंने जवाब दिया कि व्यक्ति अपनी इच्छाशक्ति से जीवन में अनुशासन ला सकता है। नियमित रूपसे पढ़ें अखबार साथ ही छात्रों को नियमित रूप से अखबार पढ़ने की सलाह दी जिससे भाषा पर पकड़ मजबूत होती है और देश-दुनिया की जानकारी मिलती है। उन्होंने बताया कि कॅरिअर पेज पर छात्रों के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति और अवसरों की जानकारी भी उपलब्ध रहती है। उन्होंने कहा कि समय के साथ परिस्थितियां बदल रही हैं। पहले जितने विकल्प नहीं थे अब कई नई भाषाएं और कोर्स उपलब्ध हैं जिनका लाभ उठाकर छात्र अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं। जीवन भर याद रहेगा यह पल अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति प्राप्त छात्रों ने कहा कि यह मुलाकात उनके जीवन की यादगार पल बन गया है। अमर उजाला दफ्तर में मिला सम्मान उनके लिए बेहद खास है, जिसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे। छात्रों ने बताया कि दिल्ली आना और मीडिया हाउस को करीब से देखना उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था। टेलीप्रॉम्प्टर पर खबरें पढ़कर बच्चों को मिला नया अनुभव छात्रवृत्ति कार्यक्रम में शामिल हुए छात्रों का पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर और मालाएं पहनाकर स्वागत किया गया। सम्मान के बाद बच्चों को कार्यालय का भ्रमण कराया गया जहां उन्होंने करीब से देखा कि अखबार कैसे तैयार होता है और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खबरें किस तरह संचालित की जाती हैं। इस दौरान बच्चों का उत्साह तब और बढ़ गया जब उन्हें स्टूडियो में टेलीप्रॉम्प्टर पर खबरें पढ़ने का मौका मिला। इस अनुभव ने न सिर्फ उन्हें पत्रकारिता की दुनिया से परिचित कराया, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी नई चमक जोड़ दी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 06, 2026, 01:41 IST
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