Kangra News: सेवानिवृत्ति के बाद प्राकृतिक खेती से जुड़ेंगे सैन्य अधिकारी
पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में सोमवार को भारतीय रक्षा सेवाओं के जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) और समकक्ष रैंक के अधिकारियों के लिए विशेष प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया गया। संरक्षित खेती एवं सब्जी तथा उद्यान फसलों का मूल्य संवर्धन विषय पर आधारित इस पाठ्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक कुमार पांडा ने किया।विश्वविद्यालय के निदेशालय प्रसार शिक्षा द्वारा आयोजित इस पांचवें पाठ्यक्रम में सेना की तीनों शाखाओं से कुल 39 अधिकारी भाग ले रहे हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 9 फरवरी से 29 मई 2026 तक चलेगा। इस अवसर पर उत्तर क्षेत्र पुनर्वास निदेशालय के संयुक्त निदेशक, लेफ्टिनेंट कर्नल अंगद बहल ने वर्चुअल माध्यम से विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।लेफ्टिनेंट कर्नल अंगद बहल ने रक्षा कार्मिकों को कृषि को व्यवसाय के रूप में अपनाने का अवसर प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यावहारिक कौशल विकास पाठ्यक्रमों से सैनिकों को दूसरी पारी शुरू करने में बड़ी मदद मिलेगी।रसायनों के प्रयोग से मिट्टी और मानव स्वास्थ्य को नुकसान : डॉ. पांडाअपने संबोधन में कुलपति डॉ. पांडा ने प्रदेश में बढ़ती जीवनशैली की बीमारियों (मधुमेह और हृदय रोग) पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग ने मिट्टी और मानव स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने रक्षा कार्मिकों से आग्रह किया कि वे सेवानिवृत्ति के बाद सतत एवं प्राकृतिक कृषि को अपनाएं, ताकि समाज को सुरक्षित और पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ मिल सकें। कुलपति ने कहा कि सैन्य कार्मिक अत्यंत अनुशासित होते हैं। प्रशिक्षण के बाद वे न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि अपने क्षेत्रों में किसानों को वैज्ञानिक और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक कर परिवर्तन के वाहक की भूमिका निभाएंगे।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 09, 2026, 20:16 IST
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