Aligarh News: मासूम दिलों को नई जिंदगी दे रहा अलीगढ़, इसी माह होगा 2000वां ऑपरेशन
जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे मासूमों के लिए अलीगढ़ का जेएन मेडिकल कॉलेज प्रदेश का बड़ा सहारा बनकर उभरा है। यहां राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत संचालित डीईआईसी सेंटर में अब तक 1946 बच्चों के दिल के सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इसी महीने 2000वां ऑपरेशन पूरा कर नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है।जानकारी के अनुसार, जेएन मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा वर्ष 2017-18 में शुरू हुई थी, जबकि सितंबर 2018 से बच्चों के दिल के ऑपरेशन नियमित रूप से होने लगे। शुरुआती दौर में बजट संबंधी दिक्कतों के बावजूद सेवाएं जारी रहीं और अब यहां हर माह औसतन 30 से 40 सर्जरी की जा रही हैं। वर्तमान में डॉक्टरों की टीम रोजाना दो से तीन ऑपरेशन कर रही है, जिससे लंबित मरीजों को तेजी से राहत मिल रही है।प्रदेश के 75 जिलों से जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित बच्चों को चिह्नित कर यहां भेजा जा रहा है। बेहतर विशेषज्ञों, आधुनिक सुविधाओं और सफल परिणामों के चलते यह सेंटर प्रदेश के प्रमुख बाल हृदय सर्जरी केंद्रों में शामिल हो गया है। आरबीएसके के नोडल डिप्टी सीएमओ डॉ. अमित शर्मा के अनुसार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और अस्पतालों में बच्चों की स्क्रीनिंग कर जन्मजात रोग, कुपोषण, विकास में देरी और अन्य बीमारियों की पहचान की जाती है। चिन्हित बच्चों को निशुल्क उपचार के लिए भेजा जा रहा है। 1500 बच्चों को अब भी इंतजारवर्तमान में प्रदेशभर से करीब 1500 बच्चों को दिल के ऑपरेशन के लिए चिह्नित किया गया है। इन बच्चों को चरणबद्ध तरीके से बुलाकर जांच की जाती है। जिनकी स्थिति अधिक गंभीर होती है, उन्हें प्राथमिकता देते हुए पहले ऑपरेशन किया जाता है, जबकि अन्य बच्चों को चिकित्सकीय निगरानी में रखकर उनकी बारी आने का इंतजार कराया जाता है।ऑपरेशन के बाद परिजन बेहद खुश. जौनपुर के मछलीशहर की 6 वर्ष की अंशिका का ऑपरेशन इसी 27 मार्च को हुआ है। जब वह एक वर्ष की थी, तभी उसके दिल में छेद की जानकारी हुई। आंगनबाड़ी से जांच के बाद वह जेएन मेडिकल कॉलेज आई। अब स्वस्थ्य है और परिजन खुश हैं। . हरदोई के मदारा की 7 वर्ष की आस्था के ऑपरेशन कर 23 अप्रैल को बॉल्व डाले गए। दो माह बाद फिर बुलाया है, लेकिन अब परिजन उसके शरीर को स्वस्थ्य होता देख बेहद खुश हैं। . पीलीभीत के 8 वर्ष के आशीष का 13 जनवरी को ऑपरेशन हुआ। तीन वर्ष की आयु में उसके दिल में छेद पता चला था। अब वह भी स्वस्थ है। . बरेली का 9 वर्ष का दिव्यांशु भी पिछले माह ऑपरेशन के बाद स्वस्थ्य है और स्कूल भी जाने लगा है।अब इनके ऑपरेशन की तैयारी. फैजाबाद के अकबरपुर की आठ वर्षीय दिव्या के माता पिता मजदूर हैं। मां रीता के अनुसार जब दिव्या तीन साल की थी, तब दिल में छेद का पता चला। . लखनऊ टेड़ी पुलिया के मो.तोहीद का 1.5 वर्षीय बेटा मो.हबीब भी जन्मजात इस बीमारी से ग्रसित है। लखनऊ में अलीगढ़ का पता चलने के बाद परिजन जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
- Source: www.amarujala.com
- Published: May 05, 2026, 03:03 IST
Aligarh News: मासूम दिलों को नई जिंदगी दे रहा अलीगढ़, इसी माह होगा 2000वां ऑपरेशन #AligarhNews #JNMedicalCollege #SubahSamachar
