विदेश के समाचार: मलयेशिया से करीब 1,500 म्यांमार नागरिक वापस भेजे गए, यूएन ने जताई असुरक्षित हालात की चिंता

मलयेशिया से वापस भेजे गए करीब 1,500 म्यांमार नागरिक रविवार को देश के सबसे बड़े शहर यांगून पहुंचे। संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी और मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी थी कि म्यांमार लौटने की परिस्थितियां अभी भी सुरक्षित नहीं हैं। म्यांमार में एक फरवरी 2021 को सेना द्वारा आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार से सत्ता छीनने के बाद से राजनीतिक संकट बना हुआ है। इसके बाद देशभर में व्यापक विरोध शुरू हुआ और म्यांमार का बड़ा हिस्सा संघर्ष की चपेट में आ गया। म्यांमार के सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, लौटने वालों में 86 महिलाएं शामिल हैं। इन लोगों को मलयेशिया में अवैध रूप से रहने और आव्रजन नियमों के अन्य उल्लंघनों के लिए दोषी ठहराया गया था। इन्हें पिछले मंगलवार को मलेशिया से दो नौसैनिक युद्धपोतों और एक अस्पताल जहाज के जरिए वापस भेजा गया था। क्षेत्रीय सरकार के मंत्री नाय लिन तुन ने बताया कि वे रविवार तड़के दक्षिणी यांगून पहुंचे। ये लोग उन करीब 5,000 म्यांमार नागरिकों में शामिल हैं, जिन्हें मलयेशिया से चरणबद्ध तरीके से वापस भेजा जाना है। मलयेशिया के गृह मंत्रालय के अनुसार, वहां के आव्रजन हिरासत केंद्रों में 10,388 अन्य म्यांमार नागरिक भी हिरासत में थे। संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी मामलों के उच्चायुक्त और मानवाधिकार संगठनों ने इस प्रत्यावर्तन की आलोचना की है। उनका कहना है कि म्यांमार के कई हिस्सों में सुरक्षा और मानवीय स्थिति अब भी अस्थिर है। ऐसे में लौटने वाले लोगों को उत्पीड़न और जबरन सैन्य भर्ती का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि देश सक्रिय युद्ध क्षेत्र बना हुआ है। बाल्टीमोर के पार्क में गोलीबारी, 12 वर्षीय बच्ची की मौत अमेरिका के बाल्टीमोर स्थित एक पार्क में दो लोगों के बीच गोलीबारी की चपेट में आने से 12 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों लोगों के बीच पार्किंग की जगह को लेकर विवाद हुआ था। जिस समय गोलीबारी हुई, उसी पार्क में युवाओं का फुटबॉल मैच चल रहा था।पुलिस अधिकारियों ने शनिवार शाम करीब 6:15 बजे लियोन डे पार्क में पहुंचकर बच्ची और एक महिला को गोली लगने से घायल पाया। बाल्टीमोर पुलिस आयुक्त रिचर्ड वॉर्ली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दो अन्य लोग भी इलाज के लिए आसपास के अस्पतालों में पहुंचे।बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वॉर्ली ने बताया कि तीनों वयस्कों को लगी चोटें जानलेवा नहीं थीं। वॉर्ली के मुताबिक, पार्किंग की जगह को लेकर विवाद कर रहे दो लोगों ने एक-दूसरे पर गोली चलानी शुरू कर दी। इस दौरान गोलियां बच्ची और महिला को भी लग गईं। पुलिस कम से कम दो संदिग्धों की तलाश कर रही है।पुलिस आयुक्त ने कहा कि बच्ची गोलीबारी का सीधा निशाना नहीं थी।वॉर्ली ने कहा, "हमें जो पता है, उसके मुताबिक दो लोगोंके बीच किसी तरह का विवाद हुआ था। दोनों ने एक-दूसरे पर गोलियां चलाईं। इसी गोलीबारी की चपेट में 12 साल की एक बच्ची आ गई, जो संभवत: वहां फुटबॉल मैच देखने आई थी और उसकी गोली लगने से मौत हो गई।" पुलिस पार्क के बड़े क्षेत्र में घटनास्थल की जांच कर रही थी। वॉर्ली ने कहा कि तत्काल यह पता नहीं चल पाया था कि कुल कितनी गोलियां चलाई गईं। उन्होंने घटना के किसी भी प्रत्यक्षदर्शी से पुलिस से संपर्क करने की अपील की।बाल्टीमोर के मेयर ब्रैंडन स्कॉट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "दो वयस्क पुरुषों के बीच विवाद हुआ और अब 12 साल की एक बच्ची हमारे बीच नहीं है। हमें कभी ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए। आज यहां जो हुआ, वह मेरे जीवन में देखी गई सबसे घृणित घटनाओं में से एक है।"

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 04, 2026, 03:11 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »

Read More:
World International



विदेश के समाचार: मलयेशिया से करीब 1,500 म्यांमार नागरिक वापस भेजे गए, यूएन ने जताई असुरक्षित हालात की चिंता #World #International #SubahSamachar