World TB Day: दवा और इलाज मौजूद फिर भी क्यों नहीं रुक रही टीबी? टीबी मुक्त भारत में कहां आ रही बाधा
भारत ने पिछले एक दशक में मेडिकल क्षेत्र में अपना डंका बजवाया है। आधुनिक शोध, मेडिकल क्षेत्र में नवाचार के जरिए समय रहते कोरोना की वैक्सीन तैयार करना हो या फिर व्यापक प्रयास से पोलियो जैसी बीमारी पर जीत हासिल करना, दुनियाभर ने भारत का लोहा माना है। पर ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) की बीमारी भारत के लिए अब भी बड़ी चिंता का कारण बनी हुई है। साल 2025 तक देश कोटीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया था पर अब भी न सिर्फ बड़ी संख्या में संक्रमित सामने आ रहे हैं बल्कि भारत टीबी के बड़े बोझ वाला देश बना हुआ है। डब्ल्यूएचओ ग्लोबल टीबी रिपोर्ट 2025 के अनुसार 2024 में भारत में लगभग 27.1 लाख लोग टीबी से संक्रमित पाए गए और 3 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारत में टीबी अभी भी गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। भारत में टीबी को लेकर लगातार व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाते रहे हैं, इसके इलाज के लिए करागर दवाएं उपलब्ध हैं, फिर क्यों देश टीबी से जंग नहीं जीत पा रहा है आइए इसके कारणों को समझ लेते हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 23, 2026, 18:17 IST
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