Health Alert: मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारियों पर ब्रेक लगाने का प्लान, डब्ल्यूएचओ ने दिया समाधान

भारत सहित दुनिया के कई देशों में लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी के चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि भारत में नॉन कम्युनिकेबल डिजीज के बढ़ते मामलेगंभीर चिंता का कारण हैं। नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज वे बीमारियां हैं जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलतीं, बल्कि क्रॉनिक रूप से सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ाती जाती हैं। आहार-दिनचर्या में गड़बड़ी, धूम्रपान, शराब और शारीरिक निष्क्रियता आदि को इस तरह की बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है। हृदय रोग, डायबिटीज, कैंसर और क्रॉनिक श्वसन रोग आदि नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज का उदाहरण हैं। भारत की बड़ी आबादी इन रोगों का शिकार है। अब सवाल ये है कि इन बीमारियों के खतरे को कम कैसे किया जाए नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कुछ जरूरी सलाह दिए हैं, जिनके बारे में जान लेना आपके लिए बहुत जरूरी है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 15, 2026, 17:17 IST
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