Rohtak News: बैंककर्मियों की परफॉर्मेंस में सैलरी से ज्यादा काम का माहौल असरदार

करिश्मा रंगा रोहतक। बैंक कर्मचारियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए केवल अच्छी वेतन, बोनस और प्रोत्साहन पर्याप्त नहीं हैं। कर्मचारी जिस माहौल में काम करते हैं, वरिष्ठ अधिकारियों का व्यवहार और सहकर्मियों का सहयोग उनके प्रदर्शन पर अधिक असर डालता है। एमडीयू के कॉमर्स विभाग की पूर्व शोधार्थी प्रियंका आहुजा के शोध में यह महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। उन्होंने प्रो. राजपाल सिंह के मार्गदर्शन में यह अध्ययन किया है।हरियाणा के छह मंडलों के 507 बैंक कर्मचारियों पर यह अध्ययन किया गया। इसमें कार्य वातावरण को प्रदर्शन पर सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला कारक पाया गया। शोध में कर्मचारियों को प्रेरित करने वाले चार कारकों का अध्ययन हुआ। ये कारक मौद्रिक लाभ, कार्य वातावरण, क्षमता और काम में रुचि थे। इनमें कार्य वातावरण सबसे प्रभावी कारक रहा। अध्ययन में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों को शामिल किया गया। एसबीआई, पीएनबी, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक के कर्मचारियों से जानकारी ली गई। रोहतक, अंबाला, हिसार, करनाल, गुरुग्राम और फरीदाबाद मंडलों को शोध में शामिल किया गया। कुल 600 प्रश्नावलियां वितरित हुईं जिनमें 507 प्रतिक्रियाएं विश्लेषण के योग्य पाई गईं। संवादसकारात्मक कार्य वातावरण का महत्वशोध में कार्य वातावरण के तहत सम्मानजनक व्यवहार जैसे पहलू शामिल थे। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग, सामूहिक कार्य और बेहतर संवाद भी इसमें शामिल थे। अच्छे काम की पहचान भी सकारात्मक कार्य वातावरण का हिस्सा है। अध्ययन में पाया गया कि सकारात्मक माहौल से कर्मचारी अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं। इससे उनका प्रदर्शन बेहतर होता है और उत्पादकता बढ़ती है। बैंक प्रबंधन कार्यस्थल की संस्कृति सुधारकर भी कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ा सकता है।कर्मचारियों को जोड़े रखने वाले कारकअध्ययन में कर्मचारियों को संगठन से लंबे समय तक जोड़े रखने वाले कारकों का भी विश्लेषण हुआ। चारों प्रेरक कारकों का कर्मचारियों को जोड़े रखने पर सकारात्मक प्रभाव मिला। आर्थिक लाभ कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते हैं। अच्छा कार्य वातावरण संगठन के प्रति संतुष्टि और जुड़ाव बढ़ाता है। यह कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने से रोकने में सहायक होता है। बेहतर वेतन के साथ सम्मान और सहयोग भी आवश्यक है।सरकारी और निजी बैंकों में समान असरशोध में हरियाणा के छह मंडलों के सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र के बैंक शामिल थे। अध्ययन में इन कारकों के प्रभाव में कोई बड़ा अंतर नहीं पाया गया। सरकारी और निजी बैंकों में कार्य वातावरण का असर लगभग समान था। युवा कर्मचारियों में काम में रुचि और क्षमता जैसे कारक अधिक प्रभावी मिले। अनुभवी कर्मचारियों में आर्थिक लाभ का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहा। यह बैंकिंग क्षेत्र के लिए स्पष्ट है कि विकास के अवसर भी महत्वपूर्ण हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 19, 2026, 02:28 IST
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