Alzheimer's Disease: आपको भी सता रहा है दिमाग की बीमारी का डर? वैज्ञानिकों ने बताए पता लगाने के दो कारगर तरीके
सोचने-समझने की क्षमता में कमी, समय के साथ कमजोर होती याददाश्त और पहले की तरह से अब सही तरीके से निर्णय न ले पाना अल्जाइमर रोग का संकेत हो सकता है। वैसे तो ये बीमारी आमतौर पर 60 साल के बाद वाले लोगों में होती है, हालांकि कई मामलों में इसे 50 से कम उम्र वालों में भी बढ़ता देखा जा रहा है। अल्जाइमर रोग डिमेंशिया का सबसे आम रूप है, जिसके कारण धीरे-धीरे दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने लगता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में 5.5 करोड़ से अधिक लोग डिमेंशिया से प्रभावित हैं और इनमें से लगभग 60–70% मामलों का कारण अल्जाइमर होता है।बदलती जीवनशैली, तनाव, डायबिटीज-हाई ब्लड प्रेशर प्रेशर जैसी क्रॉनिक बीमारियों और कई तरह की पर्यावरणीय स्थितियों को इस बढ़ती समस्या के लिए जिम्मेदार माना जाता है। अमर उजाला में हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने बताया था कि विशेषज्ञ दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों में इस बीमारी के खतरे को लेकर अलर्ट कर रहे हैं, इसका मुख्य कारण यहां अक्सर बढ़े हुए प्रदूषण को माना जा रहा है। आपको भी तो अल्जाइमर रोग का खतरा नहीं है इसका पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों की टीम ने दो तरीकों के बारे में बताया है जिससे आप इस बीमारी के जोखिमों का अंदाजा लगा सकते हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 23, 2026, 11:58 IST
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