पश्चिम एशिया में शांति कब-कैसे?: चीन विशेष मध्यस्थता दूत भेजेगा, खाड़ी देशों की पहली आपात बैठक से UAE भी जुड़ा

पश्चिम एशिया बीते कई दिनों सेबारूद के ढेर पर खड़ा है। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी ने पूरे क्षेत्र को जंग के मुहाने पर ला दिया है। हालात इतने विस्फोटक हो चुके हैं कि शांति की कोशिशों के लिएखाड़ी देशों को पहली बार संयुक्त आपात बैठक बुलानी पड़ी, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भी शामिल हुआ। दूसरी ओर चीन ने साफ संकेत दिया है कि वह इस पूरे मामले में तमाशबीन नहीं रहेगा और मध्यस्थता के लिए अपना विशेष दूत मैदान में उतारेगा। सबसे पहले बात अगर खाड़ी देशों की अहम बैठक की करें तो, यूएई ने इसमें हिस्सा लिया औरइस बैठक में यूएईका प्रतिनिधित्व उसके गृह मंत्री ने किया। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित की गई थी। यह अपनी तरह की पहली संयुक्त आपात बैठक थी, जिसमें खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य देशों के आपातकाल, संकट और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी और ऑपरेशन रूम के अधिकारी शामिल हुए। ये भी पढ़ें:-क्या दरकने लगा MAGA का तिलिस्म: ईरान में बमबारी पर US में ट्रंप की आलोचना, पश्चिम एशिया पर किसने क्या कहा यूएई के गृह मंत्री ने क्या कहा इस बैठक को लेकर यूएई के गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि यह बैठक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने के लिए संयुक्त प्रयासों का हिस्सा है। इसका मकसद मौजूदा हालात और अलग-अलग तरह की आपात चुनौतियों से निपटने के लिए तैयारी को और बेहतर बनाना है। उन्होंने जोर दिया किबैठक के दौरान अधिकारियों ने इस बात पर चर्चा की कि विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच पहले से मौजूद समन्वय को और कैसे मजबूत किया जाए। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में मिलकर तेज और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। तमाशबीन नहीं रहेगा चीन, भेजेगा विशेष दूत इसके साथ ही मामले में चीन ने एलान किया है कि वह क्षेत्र में मध्यस्थता के लिए अपना विशेष दूत भेजेगा। चीन का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाया जा रहा है। मामले में बयान जारी कर चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरबके विदेश मंत्रियों से अलग-अलग फोन पर बातचीत के दौरान इस फैसले की जानकारी दी। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावित कर सकता है, इसलिए बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान जरूरी है। ये भी पढ़ें:-पश्चिम एशिया संकट: स्टार्मर ने दिया ट्रंप की आलोचना का जवाब; स्पेनिश पीएम बोले- आप 'रूसी रूले' नहीं खेल सकते 20000 से ज्यादा उड़ाने रद्द दूसरी ओरपश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब हवाई यात्रा पर भी साफ दिखने लगा है। क्षेत्र में हालात बिगड़ने के बाद पश्चिम एशिया के प्रमुख एयरपोर्टों से आने-जाने वाली 20,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। इस बीच एमिरेट्स ने भी अपनी कई उड़ानों को निलंबित रखने का फैसला बढ़ा दिया है। एयरलाइन ने बताया कि क्षेत्र के कई देशों के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण दुबई आने-जाने वाली सभी निर्धारित उड़ानें 7 मार्च रात 11:59 बजे (यूएई समय) तक बंद रहेंगी। एमिरेट्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि फिलहाल कंपनी सीमित संख्या में ही उड़ानें चला रही है। इन उड़ानों में पहले से टिकट बुक करा चुके यात्रियों को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही दुबई के रास्ते दूसरे शहरों में जाने वाले यात्रियों को तभी यात्रा की अनुमति दी जाएगी, जब उनकी अगली कनेक्टिंग फ्लाइट चालू होगी। एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि अगर उन्हें सीधे एमिरेट्स से सूचना नहीं मिली है या उनके पास कन्फर्म टिकट नहीं है, तो वे एयरपोर्ट पर न आएं। कब और कैसे शेड्यूल होगी नई टाइमलाइन इसके साथ ही एमिरेट्स ने यह भी कहा कि वह लगातार हालात पर नजर रख रही है और उसी के अनुसार अपनी उड़ानों का शेड्यूल तय करेगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति वेबसाइट पर जरूर जांच लें और ई-मेल या मैसेज के जरिए मिलने वाली सूचनाओं पर ध्यान दें। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अन्य वीडियो

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 05, 2026, 00:38 IST
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