धमाकों से दहला पश्चिम एशिया: इस्राइल-अमेरिका का एक साथ ईरान पर हमला, विश्व युद्ध में बदलने का मंडरा रहा खतरा
तेजी से बदलते सैन्य घटनाक्रम के बीच पश्चिम एशिया एक बार फिर बड़े क्षेत्रीय टकराव की दहलीज पर खड़ा दिखाई दे रहा है। खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और ईरान की उन्नत मिसाइल क्षमता को देखते हुए संघर्ष के व्यापक युद्ध में बदलने की आशंका गहरा रही है। सीएनबीसी और अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को अमेरिका व इस्राइल के ईरान में हमले के तुरंत बाद ईरान ने इस्राइल और खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमले किए। इससे पूरा पश्चिम एिशया भीषण धमाकों से दहल उठा। एएफपी की ओर से जारी तस्वीरों में उत्तरी इस्राइल के हाइफा के ऊपर समुद्र में एक प्रोजेक्टाइल का धमाका देखा गया। इस्राइल के पब्लिक ब्रॉडकास्टर ने यह भी रिपोर्ट किया कि ईरान के सुप्रीम नेता आयतुल्ला अली खामनेई को निशाना बनाया गया था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। बहरीन, कुवैत, कतर व संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं, ने पुष्टि की कि उन्होंने अपने हवाई क्षेत्र में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट किया। ये भी पढ़ें:-West Bengal: बंगाल में SIR विवाद के बीच अमर्त्य सेन को मिली राहत, संशोधित मतदाता सूची में शामिल किया गया नाम यूएई के रक्षा मंत्रालय का बयान यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिसे उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने विफल कर दिया। अबू धाबी और दुबई में तेज धमाकों की आवाजें सुनीं गईं। कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके क्षेत्र को निशाना बनाना राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन है। यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक उकसावा है। बहरीन की समाचार एजेंसी ने बताया कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड से संबद्ध फिफ्थ फ्लीट के सर्विस सेंटर को मिसाइल हमले का सामना करना पड़ा। सऊदी अरब, जिसे सीधे निशाना नहीं बनाया गया, ने यूएई, बहरीन, कतर, कुवैत और जॉर्डन पर ईरानी हमले की आलोचना की। रियाद ने कहा कि वह इनके समर्थन में अपनी सभी क्षमताएं उपलब्ध कराने को तैयार है। ये भी पढ़ें:-'हमले में मारे गए खामेनेई': नेतन्याहू के बाद अब ट्रंप ने भी कर दिया बड़ा दावा, बोले- हम से नहीं बच सका आठ महीने में अमेरिका और इस्राइल ने किया दूसरा हमला अमेरिका का आठ महीने के अंदर ईरान पर यह दूसरा हमला है। पिछले साल जून में पहले इस्राइल ने ईरान पर हवाई सुरक्षा प्रणाली को निशाना बनाने समेत उसके कई सैन्य कमांडरों को मार दिया था। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बम गिराए थे। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक दुश्मन निर्णायक रूप से हार नहीं जाता।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 01, 2026, 04:01 IST
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