Raid : आईएएस डॉ. रामविलास के घर व स्कूल सहित पांच ठिकानों पर छापा, आय से पांच गुना अधिक संपत्ति का दर्ज है केस

आईएएस अधिकारी डॉ. रामविलास यादव के प्रदेश में स्थित पांच ठिकानों पर विजिलेंस ने छापा डाला। वह वर्तमान में उत्तराखंड में समाज कल्याण विभाग में अपर सचिव के पद पर तैनात है। उनके खिलाफ 19 अप्रैल को उत्तराखंड की विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज किया था। शनिवार सुबह उत्तराखंड की विजिलेंस की 50 सदस्यीय टीम ने छापेमारी की है। देर शाम 7 बजे तक कार्रवाई जारी रही। इस दौरान आईएएस अधिकारी के लखनऊ स्थित घर व स्कूल, गृह जनपद गाजीपुर व गाजियाबाद में टीमें साक्ष्य जुटा रही थी। वहीं एक टीम देहरादून के ठिकानों पर भी कार्रवाई कर रही है। डॉ. रामविलास लखनऊ में एलडीए में बतौर सचिव और मंडी परिषद में अपर निदेशक के पद पर तैनात थे। उत्तराखंड विजिलेंस की टीम ने जांच के लिए शुक्रवार को लखनऊ पहुंच गई थी। टीम ने शुक्रवार को आरोपी आईएएस डॉ. राम विलास यादव के ठिकानों को चिह्नित किया। शनिवार को जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक सतर्कता अनुजा बडेला के नेतृत्व में टीम ने सुबह करीब 10 बजे पुरनिया चौराहा के पास दिलकश विहार स्थित आईएएस के आवास पर छापा मारा। वही एक अन्य विजलेंस टीम ने स्पोर्ट्स कालेज, कुर्सी रोड स्थित जनता विद्यालय में छापेमारी करके वहां कागजात तलाशे गये। आय से 547 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप आईएएस डॉ. रामविलास यादव पर आय से 547 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत उत्तराखंड शासन से की गई थी। जिसकी जांच के बाद विजिलेंस ने 19 अप्रैल को मुकदमा दर्ज किया था। डॉ. रामविलास यादव 30 जून को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। वह 2019 में यूपी से उत्तराखंड आए थे। यहां शासन ने नौ जनवरी 2019 को उनके खिलाफ विजिलेंस में खुली जांच के आदेश दिए थे। आईएएस अधिकारी के खिलाफ गुडंबा के गायत्रीपुरम निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट हेमंत कुमार मिश्रा ने उत्तराखंड शासन से शिकायत की थी। उन्हाेंने आरोप लगाया था कि एलडीए के सचिव व मंडी परिषद के अपर निदेशक के पद पर तैनाती के दौरान करोड़ों रुपये अवैध तरीके से हासिल किये थे। प्रधानमंत्री व उत्तर प्रदेश शासन से की गई थी शिकायत आईएएस अधिकारी के खिलाफ शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश शासन व उत्तराखंड शासन से की गई थी। जिस पर विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने 23 जुलाई 2018 को खुली जांच सतर्कता अधिष्ठान से कराये जाने के आदेश पारित कर दिया। जांच के दौरान प्रकाश में आये तथ्यों के आधार पर सतर्कता अधिष्ठान देहरादून द्वारा तैयार की गयी विस्तृत अंतिम आख्या उत्तराखंड सरकार को भेजी गयी। उत्तराखंड सरकार ने 8 अप्रैल 2022 आईएएस रामविलास यादव के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करने की अनुमति प्रदान कर दी। जिसके बाद 19 अप्रैल 22 को अभियोग पंजीकृत कर लिया गया था। मुकदमा दर्ज करने के करीब दो महीने बाद विजिलेंस ने आईएएस डॉ. रामविलास यादव के उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के सभी पांच ठिकानों पर छापा डाला है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 11, 2022, 11:20 IST
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