फसलों को बर्बाद करने के कगार पर घरों से निस्तारित पानी

बूढ़े बाबू के तालाब में सौंदर्यीकरण का काम चलने के कारण घरों से निस्तारित पानी तालाब से रोक कर तिगरी मार्ग किनारे नाले में कर दिया गया है। कच्चा नाला उफान पर है। अब खेतों में फसलों को बर्बाद करने के कगार पर पहुंच गया हैै। मायापुरी मोहल्ले में बूढ़े बाबू के तालाब में छह वार्डों का पानी जाता है। इस समय उसके सौंदर्यीकरण का काम चल रहा हैै। इस कारण पानी को तालाब में जाने से रोक दिया गया हैै। तालाब में जाने वाले पानी का रुख धनौरा मार्ग किनारे एक औद्योगिक इकाई के बराबर कच्चे नाले में कर दिया गया। पानी अधिक होने के कारण कच्चा नाला उफान पर आया तो वह खेतों में भरने लगा। जिससे गेहूं की फसल को नुकसान होने लगा। फाजलपुर, तिगरिया भूड़ व गजरौला के किसानों को दिक्कत हुई तोे उन्होंने पानी का विरोध किया। जिस पर पालिका ने आगे कच्चा नाला और बनाया। मगर यह नाला भी पानी को नहीं समा पा रहा है। पालिका ने एक खेत को अस्थायी रूप से तालाब का रूप दिया है। अस्थायी तालाब भी उफान केे कगार पर है। यह गेहूं की फसल को बर्बाद कर सकता है। किसानों की परेशानी का सबब बन सकता है। ईओ ललित कुमार आर्य का कहना है कि अस्थायी तालाब भर जाने पर पंपसेट से खाली जगह पर पानी भेजा जाएगा। किसानों से बात कर खेतों में छोड़ा जाएगा।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 04, 2026, 18:45 IST
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