Video: सुरक्षा न निकासी मार्ग, बगैर पंजीकरण व एनओसी के चल रहे कोचिंग व लाइब्रेरी

लखनऊ स्थित कोचिंग संस्थान में हुई आगजनी की घटना के बाद जिले में संचालित कोचिंग व लाइब्रेरी संचालकों में कुछ खास असर नहीं दिख रहा है। बुधवार को अमेठी गौरीगंज स्थित कोचिंग, लाइब्रेरी संस्थानों की पड़ताल की गई तो कई संस्थान बेसमेंट व मानक विहीन कमरे में संचालित मिले। यहां पर आग से बचाव के लिए न तो अग्निशमन यंत्र मौजूद मिले और न ही पंजीकरण व फायर एनओसी। लकड़ी के फर्नीचरों पर भीड़ की शक्ल में बच्चे कमरों में अपनी जानजोखिम में डालकर तैयारी करते दिखे। हादसा होने के बाद संचालकों के पास बचाव के उपाय का कोई जवाब नहीं दिखा। गौरीगंज कस्बे में लोदी बाबा के समीप एक कोचिंग व लाइब्रेरी संस्थान बेसमेंट में चलता मिला। दोनों में करीब 60 बच्चे मौजूद मिले। इनका न तो पंजीकरण था न एनओसी। सबसे बड़ी बात यह थी कि उनके पास अग्निशमन यंत्र तक नहीं था। मात्र एक सकरा गेट व रास्ता, घटना के समय यहां से बच्चों का एक साथ निकल पाना बड़ा मुश्किल दिखाई पड़ा। वहीं हनुमान तिराहे के पास संचालित लाइब्रेरी में एसी युक्त कमरे में 60 बच्चे तैयारी करते दिखे। यहां लकड़ी की प्लाई से बने फर्नीचर व पार्टीशन मिला। दो अग्निशमन यंत्र यहां दिखाई पड़े। लेकिन प्रवेश व निकासी के लिए एक छोटा सा गेट जो पर्याप्त नहीं था। वहीं इसी तिराहे पर पहली मंजिल पर एक कोचिंग संचालित मिली। इनके पास न तो अग्निशमन यंत्र न ही पंजीकरण। लोहे की सकरी सीढ़ी और ऊपर कमरों में प्रवेश के लिए दीवार तोड़कर डेढ़ फीट का गेट बना दिखाई पड़ा। यहां पर करीब आठ बच्चे कोचिंग पढ़ते मिले। वहीं सैठा तिराहे के पास पहली मंजिल पर संचालित लाइब्रेरी में अग्निशमन यंत्र व दो गेट मिले। यहां पर पूरा हॉल पक्की दीवार की जगह प्लाई से तैयार मिला। प्रवेश व निकासी के लिए मात्र एक सीढ़ी व गली मिली। एक फुट गैलरी और संकरी सीढ़ियों के सहारे कोचिंग संचालन, संचालक फरार शहर में मंगलवार को कई कोचिंग सेंटरों पर ताले लटकते नजर आए। खासकर अंतू सड़क स्थित गोकुल धाम परिसर में संचालित एक दर्जन से अधिक कोचिंग संस्थान सुबह से बंद रहे और उनके संचालक भी नदारद मिले। गोकुल धाम की दूसरी मंजिल पर कई कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, जहां प्रतिदिन दो हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ने पहुंचते हैं। इन संस्थानों तक पहुंचने के लिए केवल संकरी लोहे की सीढ़ियां हैं और दूसरी मंजिल पर एक फुट की संकरी गैलरी के सहारे आवाजाही होती है। भवन में आपातकालीन निकास, अग्निशमन व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों का भी अभाव है। एसडीएम पंकज मिश्र, क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मिश्र और प्रभारी निरीक्षक श्रीराम पांडेय के नेतृत्व में टीम ने विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान शहर के अधिकांश कोचिंग सेंटर बंद मिले आरआरपीजी कॉलेज के सामने स्थित एक बेसमेंट में राम प्रताप पैरामेडिकल कॉलेज की कक्षाएं संचालित होती मिलीं। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जताते हुए संचालकों को सुरक्षा व अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त कराने की कड़ी चेतावनी दी। एसडीएम ने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में अवैध रूप से कोचिंग संस्थान संचालित होने की शिकायतें मिली हैं। कहा कि अगर निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। 40 संस्थानों का फायर टीम ने किया निरीक्षण अमेठी सिटी। अग्निशमन विभाग की ओर से एफएसओ ओम प्रकाश सिंह के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों ने कोचिंग व लाइब्रेरी संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीमों ने अमेठी, गौरीगंज, मुसाफिरखाना, जगदीशपुर, बाजारशुकुल, मोहनगंज स्थित 40 संस्थानों की जांच की। एफएसओ ने बताया कि सभी संस्थानों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें नोटिस जारी की जाएगी। कहा कि बेसमेंट में कोई भी कोचिंग व लाइब्रेरी संस्थान संचालित नहीं होगा।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 24, 2026, 11:05 IST
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